रेलवे टिकट चेकिंग स्टॉफ द्वारा साबरमती-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर रहे बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा गया है। इस यात्री का वीजा भी एक्सपायर हो गया था। पूछताछ के दौरान संबंधित यात्री द्वारा कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका। इसके बाद उसे इस मामले में अग्रिम कारवाई के लिए रेलवे सुरक्षाबल एवं रेलवे पुलिस थाना अजमेर को सौंप दिया गया।
इस मामले में आबूरोड निवासी डिप्टी सीटीआई विकास मोरवाल ने रेलवे सुरक्षाबल एवं रेलवे पुलिस थाना अजमेर के थानाधिकारी को रिपोर्ट दर्ज करवाई कि साबरमती - गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन में ड्यूटी करने के बाद फालना स्टेशन पर वह अपने साथी सतीश मीणा एवं बुद्धराज जैन के साथ जनरल कोच चेक करने गए थे। वहां उस दौरान एक युवक संदिग्ध अवस्था में यात्रा करते नजर आया। उससे यात्रा का टिकट मांगा गया लेकिन, नहीं था। इस पर उससे किराया 255 एवं जुर्माना 250 कुल 455 रुपए मांगा गया। इस पर उसने उसके पास पैसे नहीं होने की बात कही। इसके बाद रेलवे चेकिंग स्टॉफ द्वारा उससे पहचान-पत्र मांगा गया तो उसके पास बांग्लादेश का पासपोर्ट एवं वीजा पाया गया। इसमें उसका नाम दास गुप्ता विस्मय लिखा था। जांच में यह वीजा 5 जून 2024 को एक्सपायर हो चुका था।
फीस नहीं जमा करवा पाने के कारण कॉलेज ने किया निष्कासित
पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि यह बांग्लादेशी नागरिक बडौदा, गुजरात के एक निजी कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। लेकिन, फीस जमा नहीं करवा पाने के कारण उसे वहां से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद वह वहां से अहमदाबाद आ गया तथा ट्रेन में सवार होकर मथुरा जा रहा था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस बांग्लादेशी नागरिक का वीजा समाप्त होने के छह माह से भी ज्यादा समय बीतने के बाद भी वह यहां कैसे रह रहा था। अब इस मामले सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हर पहलू की बारीकी से जांच की जानी है।