सिरोही जिले में अजमेर मंडल रेल वाणिज्य प्रबंधक मोनिका यादव बुधवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर आबूरोड पहुंची। इस दौरान उन्होंने करीब तीन घंटे तक रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यात्रियों से बातचीत कर सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को हर आवश्यक प्रबंध करने के आदेश दिए।
निरीक्षण के दौरान अजमेर मंडल रेल वाणिज्य प्रबंधक मोनिका यादव ने आबूरोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक, दो और तीन, यात्री प्रतीक्षालय, पीने के पानी की सुविधा, सुलभ कॉम्प्लेक्स और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। वे विभिन्न स्टालों पर भी गई तथा बेचे जा रहे खाने-पीने के सामान को देखा। स्टॉल संचालकों को खाने-पीने के सामान में क्वॉलिटी एवं साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने के आदेश दिए। इसके बाद स्टेशन के बाहर पार्किंग व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। पार्किंग कर्मचारी को मशीन से पार्किंग शुल्क रसीद देने के आदेश दिए। इस अवसर आबूरोड रेलवे स्टेशन वाणिज्य प्रबंधक रघुवीर सिंह खटाना, बुकिंग इंचार्ज मनोहर सहित रेल अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
यात्री सुविधाओं की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
उधर, जेडआरयूसीसी मेंबर सागरमल अग्रवाल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने अजमेर मंडल रेल वाणिज्य प्रबंधक मोनिका यादव से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल सदस्यों ने उन्हें एक ज्ञापन देकर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म-3 से संचालित हो रही साबरमती-डीएमयू ट्रेन को प्लेटफार्म-1 से संचालित करवाने, शहर के गांधीनगर क्षेत्र में निवासरत लोगों को हो रही परेशानियों के समाधान के लिए अंडरब्रिज बनवाने की मांग की गई। इसके साथ ही पालनपुर से गांधीधाम तक चलाई जा रही ट्रेन का आबूरोड तक विस्तार करने तथा कोरोना कल में बंद हुई ट्रेनों को फिर से शुरू करवाने की मांग की गई। इस अवसर पर्वबसंत प्रजापत, भागचंद लालवानी एवं जितेंद्र वैष्णव मौजूद रहे।
यह समस्या भी बताई
ज्ञापन में बताया गया है कि आबूरोड में रेलवे क्रॉसिंग 132 के स्थान पर अंडरब्रिज प्रस्तावित है। लेकिन रेल प्रशासन द्वारा इस अंडरपास को बनाने में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इस कारण आबूरोड की बड़ी आबादी परेशानी से जूझ रही है। सरकारी एवं निजी अस्पताल, नगर पालिका, बाजार, बैंक एवं शमशान घाट आदि सभी सुविधाओं के लिए गांधीनगर क्षेत्र के लोगों को शहर में आना पड़ता है। इस दौरान खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रेलवे के सेवानिवृत कर्मचारियों के डिजिटल जीवित प्रमाण पत्र अभियान 3.0 कैंप का आयोजन, ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन
भारतीय रेलवे के समस्त सेवानिवृत पेंशनर एवं परिवार पेंशनर जो कि विभिन्न बैंको द्वारा अपनी मासिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, उनको नवम्बर में प्रति वर्ष जीवित रहने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है। बैंकों में लगातार भीड़ भाड़ रहने अथवा बैंक कर्मियों द्वारा अन्य कार्यों में वयस्त रहने के कारण पेंशनर और परिवार पेंशनर को जीवित रहने का प्रमाण जमा करवाने के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल के मुख्य जनसंपर्क निरीक्षक अशोक चौहान के अनुसार, इस जीवित प्रमाण पत्र को ऑनलाइन माध्यम से जमा करने के लिए नेशन वाइड डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कैंपेन 3.0 का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अजमेर मंडल के पेंशनर द्वारा जीवित रहने का प्रमाण पत्र जमा करने से वंचित रह गए पेंशनर/परिवार जो अब तक बैक है अथवा जिन्होंने अभी तक जमा नहीं करवाया है। वे जीवित प्रमाण पत्र ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया को समझकर ऑनलाइन जमा करा सकते हैं, जिससे भविष्य में अपना जीवित प्रमाण पत्र ऑनलाइन भर सकें।
इस हेतु पेंशन/परिवार पेंशन, अपने पीपीओ की प्रतिलिपि, आधार कार्ड नंबर, ईमेल आईडी, पेन कार्ड नंबर और बैंक अकाउंट नंबर के साथ कैंप में उपस्थित होकर अपना जीवित प्रमाण पत्र ऑनलाइन भर सकते हैं। इस प्रक्रिया को समझ भी सकते हैं। इस हेतु मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर यह कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत अजमेर में मंडल कार्यालय में दिनांक 21 नवंबर 2024 को उदयपुर सिटी में स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में दिनांक 24 नवंबर 2024 को, आबूरोड में स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में दिनांक 27 नवंबर 2024 को तथा भीलवाड़ा में स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में दिनांक 30 नवंबर 2024 को सवेरे 10:30 से शाम 5:30 बजे तक जीवित प्रमाण पत्र कैंप आयोजित किए जाएंगे। अतः जिन पेंशनर/परिवार पेंशनर जिन्होंने अब तक बैंकों में जीवित रहने का प्रमाण पत्र जमा नहीं करवाया है, वे अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए अपना जीवित प्रमाण पत्र ऑनलाइन जमा करवा सकेंगे।