सिरोही जिले में सरूपगंज के समीपवर्ती आपरीखेडा गांव के सरतानेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में ग्राम अध्यक्ष चतराराम सेलावत की अध्यक्षता में गरासिया समाज की बैठक आयोजित हुई। इसमें समाज विकास के विभिन्न मुद्दों के बारे में चर्चा करते हुए महिलाओं के रात्रि जागरण, जन्मदिन की पार्टी एवं डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे पूर्व गत दिनों भील समाज द्वारा भी इस प्रकार की कई कुरीतियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कई प्रकार की पाबंदियां लगाई गई थी।
गरासिया समाज की इस बैठक में समाजबंधुओं द्वारा रात में होने वाले कार्यक्रमों में महिलाओं की भागेदारी तथा गांव में जन्मदिन की पार्टियों और डीजे बजाने जैसे आयोजनों को भी पूरी तरह से रोकने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। गरासिया समाज ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुराम गरासिया ने कहा कि महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाले सत्संग कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी नहीं होगी। बैठक में समाज के कुरीतियों और रीति-रिवाजों को सुधारने पर जोर दिया गया। शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज के युवाओं को जागरुक बनाने पर भी चर्चा हुई। इस बैठक में ग्राम पंचायत लोटाणा के सरपंच नवाराम सिसोदिया, ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुराम लोटाणा, ब्लॉक कार्यकारिणी सदस्य चोपाराम एवं अन्य समाजबंधु मौजूद रहे। भील समाज के पंच पटेलों की बैठक में लिया गया अहम फैसला। विवाहिता को भगाने पर 2.50 लाख रुपये, शराब का सेवन करने 1.51 लाख रुपये और डीजे बजाने पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।
समाज सुधार एवं कुरीतियों को समाप्त करने के लिए लिया गया निर्णय
भील समाज के पंच पटेलों की बैठक आबूरोड के मानपुर क्षेत्र स्थित धनकुकड़ी मंदिर परिसर में आयोजित हुई। इसमें समाज सुधार एवं फैली विभिन्न प्रकार की कुरीतियों को समाप्त करने के बारे में विस्तृत विचार विमर्श किया गया था। इसके साथ ही इस दौरान शादी एवं सगाई की परंपराओं के दौरान शराब एवं नॉनवेज पर पाबंदी लगाते हुए डीजे की जगह पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं विवाहिता को भगाकर ले जाने पर जुर्माने वसूलने का निर्णय लिया गया था।
भील समाज अध्यक्ष ग्यारसाराम भील की अध्यक्षता में इस बैठक का आयोजन हुआ था। इसमें समाज को ओर सुदृढ़ बनाने एवं समाज में व्याप्त विभिन्न प्रकार की कुरीतियों के बारे में चर्चा की गई। सदस्यों से सुझाव लिए गए थे। समाजबंधुओं से सक्रिय भागीदारी निभाने का आव्हान किया गया था। इस दौरान धनकुकड़ी माताजी भील समाज वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष ग्यारसाराम भील, कोषाध्यक्ष रमेश भाई भील, सचिव गोविंदराम भील समेत आबूरोड, माउंट आबू और आसपास के गांवों के समाज के पंच-पटेल मौजूद रहे।
शादी, सगाई के दौरान नॉनवेज के उपयोग पर रहेगा प्रतिबंध
बैठक में शादी सगाई के लिए लड़के एवं लड़की के एक दूसरे के घर जाने पर केवल मीठी प्रसादी यानी केवल मिठाई को ही शामिल करने की सहमति प्रदान की गई थी। इसमें बकरा (नॉन वेज) एवं शराब पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई थी। अगर समाज के नियमों का कोई भी गांव या पंच-पटेल पालन नहीं करेगा, तो उस गांव पर 1.51 लाख रुपये का जुर्माना वसूलने तथा उस गांव को समाज से अलग कर समाज के पंच-पटेल के वहां भी कोई नहीं जाने का निर्णय लिया गया था।
नहीं बजा सकेंगे डीजे, करना होगा पारंपरिक वाद्य यंत्र
शादी-ब्याह पर डीजे बजाने पर भी पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई थी। इसकी जगह समाज के पारम्परिक वाद्य यंत्रों का उपयोग किया जाएगा। इसके बावजूद कोई व्यक्ति शादी में डीजे बजाता पाया जाएगा तो उसे 21 हजार का जुर्माना अदा करना पड़ेगा। इस दौरान डीजे बजाने को लेकर किसी प्रकार का विवाद होता है तो उसकी जिम्मेदारी भी शादी वाले परिवार की ही रहेगी।
विवाहिता को भगाकर ले जाने पर देना होगा 2.50 लाख का जुर्माना
बैठक में फैसला लिया गया था कि लड़की के परिवार की सहमति से शादी करने पर 50 हजार रुपये का दापा (एक राशि जो लड़की के परिवार को दी जाती है) भरना पड़ेगा। वहीं, विवाहित महिला को शादी की नीयत से भगाकर ले जाने पर दो लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना अदा करना पड़ेगा। महिला वापस पहले वाले पति से ही शादी करेगी। अविवाहित युवक-युवती बिना लड़की के परिवार की सहमति के भागने पर एक लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना अदा करना होगा। इस मामले में लड़का कुंवारा होने पर लड़की के साथ रह सकेगा।