प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका तथा संस्थान के स्थापना के समय जुड़ी दिव्य दृष्टि प्राप्त राजयोगिनी दादी गुलजार का चौथा स्मृति दिवस मंगलवार को लोक कल्याण दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन में उनके समाधि स्थल अव्यक्त लोक पर ब्रह्माकुमारीज संस्थान की प्रमुख राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी, अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी, राजयोगिनी बीके जयंती, संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी, बीके शशि, अतिरिक्त महासचिव बीके करुणा समेत वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ब्रह्माकुमारीज संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी तथा बीके जयंती ने कहा कि दादी ने परमात्मा शिव का आधार बनकर लाखों आत्माओं को परमात्मा से मिलन कराया। नारी शक्ति का मिसाल कायम कर एक नयी इबारत लिखी।
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दादी को व्यर्थ और निगेटिव का कोई ज्ञान ही नहीं था। वे दिव्य और महान विभूति थी। उनके जीवन से लाखों लोगों का जीवन बदला है। संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके करुणा ने कहा कि दादी की दृष्टि में इतना पावर था कि उनकी नजर जिस पर पड़ती वे उन्हें आत्मज्ञान की अनुभूति होने लगती थी। जो भी उनके सम्पर्क में आता था, वह हमेशा उनका ही होकर रह जाता था। इस दौरान अतिरिक्त महासचिव डॉ. प्रताप मिडढा, ओआरसी की निदेशिका बीके आशा, शक्तिनगर सेवा केन्द्र प्रभारी बीके चक्रधारी, हरीनगर क्षेत्र की प्रभारी बीके शुक्ला समेत कई लोग मौजूद रहे।
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लंबी लाइन में लोगों ने दी श्रद्धांजलि
आयोजन के मद्देनजर ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांतिवन परिसर में सवेरे से ही कार्यक्रम स्थल पर अनुयायियों के पहुंचने का दौर शुरू हो गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने देर तक कतारबद्ध होकर दादी गुलजार को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान डायमंड हॉल के विशाल सभागार में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने पूर्व मुख्य प्रशासिका द्वारा किए गए कार्यों के बारे में प्रकाश डाला।