सिरोही पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के निर्देश पर पिंडवाड़ा डीएसपी जेठू सिंह करणोत के सुपरविजन में पिंडवाड़ा पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने बताया, पिंडवाड़ा थाने में एक रिपोर्ट प्राप्त हुई कि फेसबुक के जरिए ठगी गई है।
इस पर मुकदमा दर्जकर पुलिस ने विशेष टीम का गठन करके अनुसंधान शुरू कर दिया। परंतु इन साइबर ठगों के गिरेबान तक पुलिस के लिए पहुंचना एक चुनौती पूर्ण कार्य था। क्योंकि ये ठग लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के संसाधनों का उपयोग करते हुए ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। टीम की लगातार पड़ताल के दौरान सामने आया कि वारदात नाइजीरियन गैंग द्वारा अंजाम दिया गया है, जिसका संचालन दिल्ली-नोएडा से हो रहा है। इस पर टीम ने दिल्ली-नोएडा पहुंचकर अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पूरी तरह कार्रवाई में सिरोही साइबर सेल का विशेष योगदान रहा। साथ ही पूरी कार्रवाई पिंडवाड़ा थानाधिकारी चंपाराम के नेतृत्व में हुई।
लाखों की ठगी को दिया अंजाम...
पुलिस थाने में सुपुर्द रिपोर्ट के अनुसार साइबर ठगों ने अलग-अलग टुकड़ों में करीब 12 लाख 73 हजार रुपयों की ठगी की थी। अभियुक्त नाइजीरिया जो अपने सहयोगी दिल्ली-नोएडा के लोगों से संपर्क करके अपने आधार कार्ड पर अंकित पता फर्जी, तरीके से बदलवाकर एक व्यक्ति के अलग-अलग बैंक एकाउंट में खाते खुलवाकर खाता धारक के खाते से मोबाइल नंबर लिंक करवाकर खाते से जारी एटीएम और खाता नंबर प्राप्त कर नाइजीरियन को खाता नंबर दिए जाते थे। नाइजीरियन द्वारा भोली भाली जनता से व्हाट्सएप-फेसबुक पर बात करके महंगे गिफ्ट भेजने की लालच देकर अलग-अलग खातों में पैसा जमा करवाने का कहकर ठगी करते थे। आरोपियों द्वारा आधार कार्ड पर फर्जी पता जुड़वाकर मोबाइल की सिम कार्ड प्राप्त की जाती थी, ताकि बैंक खाता और मोबाइल सिम धारकों का रिकॉर्ड प्राप्त न किया जा सके।