राजस्थान स्थित सीमलवाड़ा एकलव्य आवासीय स्कूल के विद्यार्थियों ने छात्रावास की अव्यवस्थाओं और कर्मचारियों के कथित दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर शुक्रवार रात भारी हंगामा किया। परिसर की अव्यवस्थाओं से असंतुष्ट विद्यार्थी आधी रात को ही पैदल चलकर लगभग तीन किलोमीटर दूर तहसील कार्यालय पहुंच गए। छात्रों ने विद्यालय प्रशासन पर घटिया गुणवत्ता का भोजन परोसने, खाद्य सामग्री के वितरण में पक्षपात करने, बाथरूम में पानी न होने, मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने के गंभीर आरोप लगाए।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। तहसीलदार राजकुमार, डीएसपी मदनलाल बिश्नोई और धंबोला थाना अधिकारी चंद्रशेखर किलानिया ने तहसील कार्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं। विद्यार्थियों ने अधिकारियों के समक्ष संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रावास की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने की प्रमुख मांग रखी।
छात्र ने लगाया मारपीट का आरोप
वार्ता के दौरान विद्यार्थी पंकज भराड़ा ने बताया कि जन्माष्टमी पर्व के समय पानी डालने की मामूली बात को लेकर एक शिक्षक ने उसके साथ मारपीट की थी। इस कारण उसके जबड़े का एक दांत हिलने लगा है। अन्य विद्यार्थियों ने भी आरोप लगाया कि विद्यालय के कर्मचारी उनके साथ बेवजह मारपीट करते हैं और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हैं। इसके अलावा, छात्रों ने भोजन सामग्री के वितरण में भेदभाव और भोजन की निम्न गुणवत्ता की शिकायत भी दर्ज कराई।
व्यवस्थाओं का जायजा, विधायक भी पहुंचे
विद्यार्थियों की बातें सुनने के बाद, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम सीधे छात्रावास परिसर पहुंची। वहां अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता, पेयजल आपूर्ति, बाथरूम तथा अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया, किंतु छात्र केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने अभिभावकों तथा जनप्रतिनिधियों को बुलाने और कर्मचारियों को हटाने की जिद रखी। इसके बाद विधायक अनिल कटारा भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने छात्रों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
सात दिन में सुधार का आश्वासन
विधायक के सामने भी विद्यार्थियों ने भोजन, पानी, मारपीट और स्टाफ के अनुचित व्यवहार से जुड़ी समस्याएं रखीं। कुछ विद्यार्थियों ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद को भी मौके पर बुलाने की मांग की। अंततः प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सात दिन के भीतर छात्रावास की संपूर्ण व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने पानी और भोजन समेत सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।