पुलिस ने आरोपियों की कराई परेड।
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सीकर जिले के अजीतगढ़ थाना क्षेत्र के डाला वाली ढाणी में मंगलवार रात पुलिस पर हुए हमले के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।आरोपियों को पकड़ने के बाद उनकी परेड अजीतगढ़ के मुख्य मार्गों से निकाली गई, जिसे देखकर जनता ने राजस्थान पुलिस के जयकारे लगाए। अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 44 नामजद और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के दौरान पुलिस कर्मियों को बंधक बनाने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी को ग्रामीणों ने कुर्सी पर बैठाया हुआ है तथा उसके साथ मारपीट भी की गई है। बंधक पुलिस कर्मियों को छुड़ाने के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था और इस हमले में 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।घटना के बाद अजितगढ़ पुलिस थाना छावनी में तब्दील हो गया। नीमकाथाना प्रोबेशनर्स आईपीएस रोशन लाल मीणा और डिप्टी एसपी उमेश गुप्ता भी पुलिस थाने पहुंचे।
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घटना का विवरण
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे अजीतगढ़ थाने के तीन पुलिसकर्मी एक मारपीट केस में फरार आरोपी महिपाल को पकड़ने गए थे। इसी दौरान गांव में महिपाल के किसी परिचित की बरात निकल रही थी। बरात में शामिल लोगों ने पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर देर रात 11:30 बजे पांच थानों खंडेला, श्रीमाधोपुर, अजीतगढ़, थोई और रींगस के 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी उन्हें छुड़ाने पहुंचे।
जैसे ही पुलिस टीम गांव में पहुंची, ग्रामीणों ने छतों से पथराव शुरू कर दिया। कुछ महिलाओं ने भी पुलिस के साथ मारपीट की। इस हमले में अजीतगढ़ थानाधिकारी मुकेश सेपट के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उन्हें 7 टांके लगाने पड़े। खंडेला एसएचओ इंद्रप्रकाश यादव सहित अन्य 10 पुलिसकर्मी भी हमले में घायल हो गए। हमलावरों ने पुलिस की गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने हमले में शामिल आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस-प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है।