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Rajasthan News: इस वीकेंड पर खाटूश्यामजी आने का बना रहे हैं प्लान, तो पढ़ लीजिए यह खबर… वरना हो जाएगा नुकसान

Thu, 04 Sep 2025 08:38 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर

सार

अगर आप इस वीकेंड खाटूश्यामजी दर्शन की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है क्योंकि इस बार चंद्रग्रहण और तिलक कार्यक्रम के कारण मंदिर में 43 घंटे तक दर्शन बंद रहेंगे।
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श्री खाटू श्याम मंदिर, सीकर - फोटो : अमर उजाला
सीकर जिले में स्थित बाबा खाटूश्यामजी का मंदिर, जहां पर हर साल करोड़ों की संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। हर महीने एकादशी, द्वादशी और वीकेंड पर यहां लाखों श्रद्धालु बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले भक्तों की भीड़ यहां जुटती है लेकिन इस बार वीकेंड पर भक्तों को निराशा झेलनी पड़ेगी, क्योंकि मंदिर 43 घंटे के लिए बंद रहने वाला है।

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भक्तों की कतारें - फोटो : अमर उजाला
चंद्रग्रहण और भगवान के तिलक कार्यक्रम के चलते मंदिर कमेटी ने यह निर्णय लिया है। मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 6 सितंबर की रात 10 बजे से दर्शन बंद हो जाएंगे और 8 सितंबर की शाम 5 बजे से दोबारा शुरू होंगे। इस दौरान किसी भी भक्त को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
 
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एकादशी और द्वादशी के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि हर अमावस्या के बाद बाबा का स्नान और तिलक होता है, जिसके चलते मंदिर 18 से 19 घंटे बंद रखा जाता है और तिलक के बाद ही दर्शन शुरू कराए जाते हैं। इस बार चंद्रग्रहण की वजह से मंदिर बंदी का समय और लंबा रहेगा।

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गुलाब और इत्र की शीशी ले जाने पर पाबंदी - फोटो : अमर उजाला
इसी के साथ श्रद्धालुओं के लिए एक और बड़ा बदलाव लागू किया गया है। अब श्रद्धालु बाबा खाटूश्यामजी को इत्र की शीशी और गुलाब का फूल नहीं चढ़ा सकेंगे। सीकर जिला प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
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बाबा के दर्शनों को जाता भक्तों का जत्था - फोटो : अमर उजाला
दरअसल भक्त लाइन से ही छोटी-छोटी इत्र की शीशियां और कांटेदार गुलाब के फूल मूर्ति की ओर फेंक देते थे। इस वजह से कई बार मंदिर में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों और श्रद्धालुओं को चोट लग जाती थी। इसी कारण प्रशासन ने इत्र और गुलाब के फूल चढ़ाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
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