जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के निमोद स्थित 3200 फीट ऊंची पहाड़ी पर बने हिंगलाज माता मंदिर से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 5 वर्षीय मासूम भावेश का छठे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद बच्चे का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है, वहीं पूरे क्षेत्र में बेचैनी का माहौल बना हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश ने स्वयं निगरानी संभालते हुए व्यापक खोज अभियान के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को करीब 150 पुलिसकर्मियों, एसडीआरएफ टीमों और वन विभाग के कर्मचारियों की मदद से पहाड़ी क्षेत्र और आसपास के जंगलों में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने सुबह से शाम तक करीब आठ घंटे तक पहाड़ी की गहरी खाइयों, गुफाओं, झाड़ियों और अन्य दुर्गम क्षेत्रों की सघन तलाशी ली। हालांकि दिनभर चले अभियान के बावजूद कोई ऐसा सुराग नहीं मिला, जिससे बच्चे तक पहुंचा जा सके।
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पुलिस का कहना है कि खोज अभियान लगातार जारी है और हर संभावित पहलू की जांच की जा रही है। सदर थाना अधिकारी राजेश दूडी के अनुसार पुलिस टीमें क्षेत्र के हर हिस्से को खंगाल रही हैं। आईजी के निर्देश पर पांच थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें तलाशी अभियान को और प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि तलाशी के दौरान पैरों के निशान, कपड़े, खाने-पीने के रैपर, बाल, खून के निशान या किसी भी संदिग्ध वस्तु पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके अलावा जंगल में पेड़-पौधों की टूटी हुई स्थिति, जंगली जानवरों की गतिविधियां, गिद्धों की मौजूदगी और किसी भी असामान्य गंध की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस ने स्थानीय इंटेलिजेंस नेटवर्क को भी सक्रिय कर दिया है। चरवाहों, वन रक्षकों, खनन क्षेत्र के कर्मचारियों, मंदिर से जुड़े लोगों और ग्रामीणों से लगातार जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि कोई भी महत्वपूर्ण सुराग छूट न जाए। छह दिन बीत जाने के बावजूद मासूम भावेश का कोई पता नहीं चलना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। वहीं परिजन अब भी उसके सकुशल लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब इस मेगा सर्च ऑपरेशन के नतीजों पर टिकी हुई हैं।