नीट छात्रों को हॉस्टल संचालक ने पीटा
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान की शिक्षा नगरी माने जाने वाले सीकर में नीट की तैयारी कर रहे दो छात्रों के साथ कथित तौर पर बर्बर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक मामूली विवाद के बाद हॉस्टल संचालक ने तीन बाउंसरों के साथ मिलकर दोनों छात्रों की पाइपों से बेरहमी से पिटाई की। इतना ही नहीं मारपीट का वीडियो कॉल के जरिए एक छात्र के परिजनों को भी दिखाए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद पूरे शहर में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार घटना शहर के पिपराली रोड स्थित पार्थ बॉयज हॉस्टल की है। बताया जा रहा है कि 26 जून की रात करीब दो बजे दो छात्रों का किसी अन्य छात्र से विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद की सूचना मिलने पर हॉस्टल संचालक तीन बाउंसरों के साथ मौके पर पहुंचा और दोनों छात्रों को कमरे से बाहर निकालकर उनकी पिटाई शुरू कर दी।
पीड़ित छात्रों का आरोप है कि उन्हें लोहे के पाइपों से पीटा गया और इस दौरान उनके साथ जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए, ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें। इतना ही नहीं उन्हें अपने परिजनों से बात करने की भी अनुमति नहीं दी गई। छात्रों का यह भी आरोप है कि पिटाई के दौरान एक छात्र के परिजनों को वीडियो कॉल कर पूरी घटना दिखाई गई।
ये भी पढ़ें: Bikaner News: सरकारी स्कूल में भरभराकर गिरी छत की पट्टियां, बच्चों के पहुंचने से पहले टला बड़ा हादसा
पीड़ितों के मुताबिक घटना के बाद उन्हें कोई चिकित्सकीय सहायता नहीं दी गई। अगले दिन बाउंसरों की निगरानी में उन्हें कोचिंग भेजा गया और फिर वापस हॉस्टल ले जाया गया। बाद में एक रूममेट के मोबाइल फोन से उन्होंने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
मामला सामने आने के बाद दोनों छात्रों के परिजनों ने उद्योग नगर थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि बच्चे करीब डेढ़ वर्ष से सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हॉस्टल प्रबंधन की थी लेकिन उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। अब वायरल वीडियो, उपलब्ध साक्ष्यों और पीड़ित छात्रों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। उद्योग नगर थाना पुलिस के अनुसार जांच एक आरपीएस अधिकारी को सौंपी गई है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।