खाटूश्यामजी मंदिर में श्रद्धालुओं से रुपये लेकर वीआईपी दर्शन करवाने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों और मंदिर में तैनात निजी सुरक्षा गार्डों के साथ मिलकर प्रति व्यक्ति एक हजार रुपये लेकर वीआईपी दर्शन करवाता था।
सीकर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि पुलिस ने लाडपुर निवासी हंसराज उर्फ टिंकू (26) को शुक्रवार को मंदिर के पास से पकड़ा है। मामले में सात नामजद आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी हंसराज के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन फोन में अनेक लोगों द्वारा रुपये भेजने के लेनदेन का विवरण मिला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मंदिर समिति के निजी सुरक्षा गार्डों की सांठगांठ से लोगों को मंदिर में प्रवेश दिलवाता था।
पुलिस ने आरोपी हंसराज और उसके साथियों सागर गुर्जर, मोंटू शर्मा, बिट्टू शर्मा, प्रमोद, दीपक, शेखर तथा महिपाल के खिलाफ धोखाधड़ी और राजस्थान पर्यटन व्यवसाय अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी हंसराज को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। खाटूश्यामजी में इस तरह के गिरोह पर पहली बार आपराधिक मामला दर्ज हुआ है।
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भीड़ के अनुसार बदलती थीं दरें
पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से दर्शन की दरें बदलता रहता था। सामान्य दिनों में जब भीड़ कम रहती थी, तब प्रति व्यक्ति एक हजार रुपये लिए जाते थे। सप्ताहांत, एकादशी और द्वादशी के अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने पर आरोपी इस दर को दो से तीन गुना तक बढ़ा देते थे। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि मंदिर में तैनात कोई निजी गार्ड इस अवैध कार्य में लिप्त पाया जाता है, तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
प्रोटोकॉल के तहत ही मिलेगी वीआईपी एंट्री
गौरतलब है कि खाटूश्यामजी मंदिर प्रबंधन ने हाल ही में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल प्रोटोकॉल के तहत ही वीआईपी दर्शन की अनुमति मिलेगी। इसके लिए श्रद्धालुओं को राजभवन, सचिवालय, कलेक्ट्रेट या मंत्रियों की आधिकारिक सिफारिश करवानी होगी। सिफारिश के सत्यापन के बाद एक क्यूआर कोड जारी होगा, जिसे मंदिर प्रवेश द्वार पर दिखाने के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा।