सीकर के उद्योग नगर इलाके में स्कूल के हॉस्टल रूम से हुई 1.70 करोड़ रुपये की चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया गया है। हॉस्टल वार्डन और उसके लिव इन पार्टनर सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
सीकर जिला पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद खुलासा करते हुए बताया, मामले को लेकर 28 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें परिवादी ने बताया था कि स्कूल के हॉस्टल के स्ट्रॉन्ग रूम से 1.70 करोड़ रुपये चोरी हो गए। चोरी के आरोपियों की तलाश में पहले हॉस्टल कैंपस और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा की फुटेज खंगाली गई, तो उनमें एक संदिग्ध बाइक नजर आई। उसके रजिस्ट्रेशन नंबरों के बेस पर पुलिस ने आरोपी अशोक कुमार को पकड़ा।
पूछताछ में अशोक कुमार ने घटना में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी दी। पुलिस तफ्तीश में पता लगा कि वारदात में हॉस्टल की वार्डन सज्जन कौर सहित अन्य साथी शामिल हैं। अशोक की निशानदेही पर राजस्थान में अलवर, पड़ोसी राज्य दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित अन्य इलाकों में छापे मारकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
स्ट्रॉन्ग रूम में रखी जाती थी फीस
पुलिसिया जांच में सामने आया कि हॉस्टल वार्डन सज्जन कौर विधवा महिला है और अपनी बेटी के साथ सीकर में रहकर ही पिछले कई साल से गर्ल्स होस्टल में जॉब कर रही है। वारदात में शामिल विजेंद्र जाट उसका लिव-इन-पार्टनर है। सज्जन कौर को वार्डन होने के नाते ये पता था कि इंस्टीट्यूट संचालक और कैशियर स्टूडेंट्स की फीस हॉस्टल के स्ट्रॉन्ग रूम में लाकर कैश में रखते हैं। सज्जन कौर स्ट्रांग रूम में आने-जाने वालों पर पैनी नजर रखती थी। फीस के रुपये का ठिकाना उसने विजेंद्र ओला जाट को बताया, तो उन्हें लालच आ गया। उसने बताया कि इंस्टीट्यूट संचालकों ने सभी को यह बताया है कि स्ट्रांग रूम में वो डॉक्यूमेंट रख कर जाते हैं, जबकि हकीकत में वहां करोड़ों रुपये कैश में रखा जाता है।
षडयंत्र रचकर रेकी और चोरी की
सज्जन कौर और विजेंद्र ने चोरी करने के लिए पूरी प्लानिंग की और षड्यंत्र में अन्य लोगों को भी शामिल कर लिया। विजेंद्र ने अपने साथी नरेश और हरियाणा से तीन-चार लोगों को सबलपुरा इलाके में अपने कमरे पर बुलाया और परिचित अशोक के साथ हॉस्टल से लेकर कमरे तक पूरे रूट की रेकी की। चोरी से दो दिन पहले सभी आरोपी विजेंद्र के कमरे पर बैठे और वहां पार्टी की। साथ ही चोरी की वारदात का प्लान तैयार किया। फिर 28 अगस्त को तड़के सुबह करीब 4:30 बजे रोजाना की तरह हॉस्टल वार्डन सज्जन कौर ने हॉस्टल का गेट खोल दिया। बाकी आरोपी भी दो बाइक पर हॉस्टल पहुंच गए।
उन्होंने सरिए से स्ट्रॉन्ग रूम का ताला तोड़कर 1.70 करोड़ रुपये चुरा लिए। चोरी के बाद वार्डन रक्षाबंधन पर आई छुट्टियों में अपने पीहर चली गई, बाकी आरोपी आपस में रुपये बांटकर अलग-अलग ठिकानों पर चले गए। आरोपियों ने चोरी के रुपयों से पिकअप वाहन और मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान भी खरीदा और शॉपिंग की। आरोपी रोज़ाना पार्टियां करने लगे और काफी पैसा उड़ाया।
ये आरोपी गिरफ्तार
- सज्जन कौर (37 साल) निवासी महेंद्रगढ़
- विजेंद्र ओला (35 साल) निवासी बहरोड
- संजू जाट (24 साल) निवासी महेंद्रगढ़
- विजय सिंह जाट (24 साल) निवासी महेंद्रगढ़
- राजवीर सिंह जाट (30 साल) निवासी अलवर
- अजीत कुमार जाट (30 साल) निवासी अलवर
- नरेश प्रजापत (23 साल) निवासी चूरू
- अशोक कुमार जाट (25 साल) निवासी सबलपुरा
सब इंस्पेक्टर नेकीराम, सुनील जांगिड़, मुकेश कुमार, डीएसटी टीम इंचार्ज विरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल दुर्गाराम, कांस्टेबल हंसराज, देवीलाल, मनोज, दलीप, दिनेश, अनिल, ओमप्रकाश, हरीश कुमार डीएसटी, सुरेंद्र कुमार डीएसटी, शशिकांत झुंझुनूं डीएसटी, अंकुश कुमार और साइबर सेल की इन गिरफ्तारियों में मुख्य भूमिका रही है।