15 साल के शशांक तोमर ने जिले का नाम रोशन किया।
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दौसा जिले के बांदीकुई के शशांक तोमर ने महज 15 वर्ष की उम्र में शास्त्रीय संगीत वाद्य यंत्र तबला के जरिए जिले का नाम रोशन किया है। पिता ने छोटी उम्र में अपने पुत्र में संगीत की अलख जगाई और शास्त्रीय वाद्य यंत्र (तबला) में शंशाक तोमर ने प्रथम स्थान हांसिल कर जिले का मान बढ़ाया है। साथ ही उसने शेखावाटी युवा महोत्सव में भी पहला स्थान प्राप्त किया है।
शशांक तोमर का जन्म बांदीकुई में वर्ष 2006 हुआ था। शशांक तोमर 11वीं में पढ़ाई कर रहा है। पिता शिवचरण तोमर एक स्कूल में शारीरिक शिक्षक हैं। वहीं, उसकी मां सुषमा चौधरी जिले के सिकराय में विद्युत विभाग में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।
शशांक तोमर ने वर्ष 2023 में ब्लॉक स्तरीय राजस्थान युवा महोत्सव, जिला स्तरीय युवा महोत्सव और शेखावाटी युवा महोत्सव सीकर में आयोजित महोत्सव समेत जिलों में शास्त्रीय वाद्य यंत्र (तबला) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने ने कहा मेरा सपना है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में जाकर रिप्रेजेंट कंरू। शंशाक तोमर ने बताया कि जून 2018 में उसने गुरु सलीम और अजय वर्मा से तबला सीखना शुरू किया था।
शशांक ने सरकार से दौसा के बांदीकुई में संगीत महाविद्यालय खोलने की मांग की है। साथ ही सरकार से समय- समय पर शास्त्रीय संगीत महोत्सव कराने की मांग भी की है। उसने कहा कि इन इवेंट्स से युवाओं और उनकी कला को बढ़ावा मिलेगा।