शाहपुरा जिले के जहाजपुर कस्बे में धार्मिक जुलूस पर दो महीने पहले हुए पथराव को लेकर जनता का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। पथराव के दोषियों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने कस्बे के मुख्य बाजार से आक्रोश मार्च निकाला। मार्च के दौरान महिलाएं जहाजपुर थाने के सामने पहुंचीं और प्रतीकात्मक विरोध के रूप में चूड़ियां लहराईं व थाना परिसर में फेंकीं।
पथराव की घटना के विरोध में शनिवार को महिलाओं ने कल्याणजी मंदिर के बाहर धरना दिया और रात में मोबाइल की टॉर्च जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। शनिवार को यह विरोध और तेज हो गया, जब महिलाओं ने विरोध मार्च निकालते हुए थाने पर चूड़ियां लहराईं। संघर्ष समिति ने रविवार 17 नवंबर को शाहपुरा जिला बंद का आह्वान किया है। इस बीच जहाजपुर थाना प्रभारी नरपतराम बाना का ट्रांसफर कर दिया।
शुक्रवार रात को विरोध मार्च कल्याणजी मंदिर से शुरू होकर घास भैरव चौराहा, नौ चैक, सदर बाजार, गलगट्टी चैराहा होते हुए वापस मंदिर पर समाप्त हुआ। शनिवार को भी तीसरे दिन कस्बे में बाजार पूरी तरह बंद रहे, साथ ही आसपास के गांवों में भी इसका व्यापक असर देखा गया।
पीतांबर श्याम संघर्ष समिति ने शुक्रवार को अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया था। इसके तहत शनिवार को खजूरी, पंडेर, शक्करगढ़, रोपा सहित कई ग्रामीण इलाकों में बंद रखा गया। संघर्ष समिति के शशिकांत पत्रिया ने बताया कि 14 सितंबर को भगवान पीतांबर राय का बेवान किले से लाया गया था, जिस पर पथराव किया गया। इसके बाद से ही लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।
समिति ने आरोप लगाया है कि पथराव के मुख्य साजिशकर्ताओं को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। प्रशासन द्वारा गंभीरता से कार्रवाई न करने के कारण यह आंदोलन शुरू हुआ है। समिति ने अपनी 14 सूत्रीय मांगें प्रशासन के समक्ष रखी हैं और चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन जारी रहेगा।
कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात किया गया है। मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है। कल्याणजी मंदिर के बाहर संघर्ष समिति का धरना प्रदर्शन भी जारी है। कस्बे के व्यापारियों ने भी बंद का समर्थन किया है। शनिवार को पूरे बाजार बंद रहे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
संघर्ष समिति ने रविवार 17 नवंबर को शाहपुरा जिला बंद का आह्वान किया है। इसके बाद 18 नवंबर को शाहपुरा और भीलवाड़ा जिले में संयुक्त रूप से बंद और 19 नवंबर को चित्तौड़ प्रांत बंद का आह्वान किया गया है। समिति का कहना है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
थाना प्रभारी का ट्रांसफर बना चर्चा का विषय
शनिवार को शाहपुरा एसपी धर्मेंद्र सिंह ने आदेश जारी कर जहाजपुर थाना प्रभारी नरपत राम बाना का ट्रांसफर कर दिया। उनकी जगह शाहपुरा लाइन से मनीष देव को जहाजपुर थाने में पोस्टिंग दी गई है। अचानक हुए इस बदलाव को आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसके पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है।