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Shahpura: आजादी के बाद पहली बार लुहारीकलां में रेलवे स्टेशन प्रस्तावित; ब्रॉडगेज लाइनों के लिए 150 करोड़ आवंटित

Sun, 04 Feb 2024 08:51 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहपुरा

सार

Luharikalan Railway Station: शाहपुरा में नसीराबाद से सवाई माधोपुर (वाया केकड़ी, टोंक) और अजमेर-कोटा (केकड़ी, देवली) दोनों नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाए जाने के लिए बजट में करीब 150 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर...।
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लुहारीकलां में रेलवे स्टेशन के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजादी के बाद से ही रेल सेवा से महरूम रहे नवगठित शाहपुरा जिले का जहाजपुर क्षेत्र अब शीघ्र ही रेल के इंजन की सीटी की आवाज सुनाई देगी। अजमेर-कोटा रेल लाइन के लिए 15 स्टेशन-प्रस्तावित अजमेर-कोटा नई रेल परियोजना के तहत लुहारीकलां में भी रेलवे स्टेशन-प्रस्तावित है। विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि इस रेल सेवा से जहाजपुर में विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। वहीं, औद्योगिक इकाइयां और व्यापारिक क्षेत्र में भी बढ़ावा मिलेगा।

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नसीराबाद से सवाई माधोपुर (वाया केकड़ी, टोंक) और अजमेर-कोटा (केकड़ी, देवली) दोनों नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाए जाने के लिए बजट में करीब 150 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। केंद्र सरकार ने गुरुवार को अपने अंतरिम बजट में नसीराबाद-सवाई माधोपुर वाया केकड़ी, टोंक के लिए 100 करोड़ एक लाख रुपये व अजमेर-कोटा के लिए 50 करोड़ 1 लाख रुपए के बजट का प्रावधान किया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अजमेर यात्रा के दौरान आश्वस्त किया था कि अजमेर-कोटा व नसीराबाद-सवाईमाधोपुर परियोजना को शुरू कराने के लिए वे अपने स्तर पर प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि अजमेर जिले के नसीराबाद और सवाई माधोपुर जिले के चैथ का बरवाड़ा तक प्रस्तावित 165 किमी नई रेल लाइन और अजमेर-कोटा 145 किलोमीटर की योजना का काफी बरसों से इंतजार था। अजमेर-सवाईमाधोपुर रेलवे लाइन के लिए राज्य सरकार की ओर से निःशुल्क भूमि उपलब्ध न कराने और लागत की 50 फीसद हिस्सेदारी वहन न करने के कारण रेलवे इस योजना का क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। इस योजना की घोषणा रेल बजट में की गई थी। उस समय योजना इसी शर्त पर स्वीकृत की गई थी कि निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के साथ लागत की आधी हिस्सेदारी का खर्चा राजस्थान सरकार उठाएगी।
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अजमेर-सवाईमाधोपुर परियोजना के लिए खर्च हुए तीन करोड़
इस 165 किमी रेल लाइन योजना की तैयारी पर मार्च 2020 तक करीब तीन करोड़ 13 लाख 52 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। इसका उल्लेख वर्ष 2021-22 के बजट के साथ जारी पिंक बुक में किया गया है। जब योजना स्वीकृत की गई थी, तब इसकी लागत 436 करोड़ 85 लाख रुपये आंकी गई थी।
 
नसीराबाद-सवाई माधोपुर रेल परियोजना की कुल लंबाई 165 किलोमीटर है। इसके लिए अनुमानित 873.71 करोड़ रुपये खर्च होने थे। इसकी स्वीकृति बजट में जारी की जा चुकी है। रेल का कार्य सवाई माधोपुर के चैथ का बरवाड़ा से शुरू होकर टोंक और अजमेर जिले के कई गांवों को जोड़ेगा। अजमेर के नसीराबाद से सवाई माधोपुर के चैथ का बरवाड़ा तक 23 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें चैथ का बरवाड़ा, टोंक के टोडारायसिंह का दाबडदूम्बा, बनसेरा, बरवास, टोंक का डारदाहिंद, बमोर, खेड़ा, बनेठा, सेदरी, अजमेर के नसीराबाद, लोहरवाड़ा, जसवंतपुरा, सराना, गोयला, सरवाड़, सूरजपुरा, केकड़ी, मेवदा कला, नया गांव और बघेरा शामिल है।
 
2016 में जारी की थी निविदा
रेल विभाग ने सर्वे की निविदा 4 फरवरी 2016 को जारी की थी। इसके बाद से अब तक सर्वे टीम ने रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन, रेलवे स्टेशन, ब्रिज समेत अन्य की सर्वे रिपोर्ट तैयार कर ली है। सर्वे टीम के मुताबिक टोंक में सवाई माधोपुर चैराहे के पास स्टेशन बनाया जाएगा। रेल नहीं होने से केकड़ी जिला आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। रेल होने पर जिला विकास के पथ पर तेजी से बढ़ेगा। सबसे अधिक औद्योगिक क्षेत्र को लाभ होगा, लेकिन रेल की कमी के चलते ऐसा नहीं हो रहा है।
 
अजमेर-सवाई माधोपुर परियोजना पर एक नजर
दरअसल, अजमेर-सवाई माधोपुर परियोजना की कुल 165 किमी कुल की लंबाई है। इसके लिए 873.71 करोड़ रुपये खर्च होने थे। वहीं, तीन करोड़ से अधिक खर्च हो चुके हैं। 50 प्रतिशत हिस्सेदारी राज्य सरकार को वहन करनी थी।
 
अजमेर-कोटा रेल लाइन के लिए बनेंगे 15 स्टेशन
प्रस्तावित अजमेर-कोटा नई रेल परियोजना के तहत लोहरवाड़ा, जसवंतपुरा, सराणा, गोयला, सरवाड़, सूरजपुरा, कालेड़ा कृष्णा गोपाल, बाजटा, देवली, लुहारीकलां, गोकुलपुरा, नरवा, मोतीपुरा, जलंधरी सहित 15 रेलवे स्टेशन हो सकते हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान 14 रेल यार्ड बनाए जाएंगे।

821 करोड़ खर्च होंगे
अजमेर-कोटा के मध्य किए गए सर्वे रिपोर्ट में 821 करोड़ 64 लाख का बजट बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा गया था। नया रेलवे ट्रैक बनाने के लिए 649.13 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 457.63 हैक्टेयर खातेदारी, 110.74 हैक्टेयर वन भूमि और 80.76 हैक्टेयर सरकारी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। रेलवे ट्रैक निर्माण पर 774.96 करोड़ रुपये और विद्युत कार्य के लिए 26.34 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। वहीं, सिग्नल तथा दूरसंचार पर 20.33 लाख रुपये खर्च होंगे। नसीराबाद से जलंधरी तक 117 ब्रिज बनाए जाएंगे। अजमेर से नसीराबाद और जलंधरी से कोटा तक मौजूदा रेल मार्ग को नसीराबाद से जलंधरी रेल मार्ग से जोड़ा जाएगा।

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