कुपवाड़ा में शहीद हुए राजस्थान के झालावाड़ स्थित लड़ानिया गांव के सपूत कमांडो मुकुट बिहारी मीणा का अंतिम संस्कार शनिवार को नए श्मशान में होगा। गांव में शहीद को सम्मान देने के लिए नया श्मशान बनाया गया है। यहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। शहीद का पार्थिव शरीर शुक्रवार रात को जैसे ही गांव पहुंचा, सभी ने देशभक्ति के नारों से वातावरण में ओज भर दिया। जयपुर से शुक्रवार को मुकुट बिहारी के पार्थिव शरीर को लेकर झालावाड़ के लिए हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी थी, लेकिन झालावाड़ में मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर को वापस जयपुर लाया गया।
इसके बाद शाम को सड़क मार्ग से पार्थिव शरीर को झालावाड़ के लिए ले जाया गया। इससे पहले दोपहर को जयपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर उन्होंने सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। गांव में मुकुट बिहारी के शहीद होने की खबर बुधवार को पहुंची थी, तभी से ही परिजनों सहित पूरा गांव उनके पार्थिव शरीर के आने की राह देख रहा था। मुकुट बिहारी की शादी दो साल पहले ही हुई थी।
उनकी एक तीन माह की बेटी है। बड़े भाई शंभुदयाल ने बताया कि मुकुट ने दो दिन पहले ही फोन कर रक्षाबंधन पर आने के लिए कहा था और सभी उसका इंतजार कर रहे थे, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि वह इस तरह से आएगा। प्रशासन ने गांव के मंदिर के पास मुकुट बिहारी का स्मारक बनाने की तैयारी कर ली है।