साजिश के तहत पेशेवर युवतियों से अमीरों के शारीरिक संबंध बनवाकर उन्हें रेप मामले में फंसाने के आरोप में ब्लैकमेल कर करोड़ों वसूलनेवाले बड़े ब्लैकमेल गैंग का खुलासा होने के ठीक एक दिन अब एक दूसरे गैंग का भी पता चला है। इस दूसरे गैंग को बड़े गैंग के सरगना का ड्राइवर राकेश यादव चला रहा था। एसओजी ने इस गैंग के राकेश, वकील अखिलेश मिश्रा और साथी पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया है।
इधर, बड़े गैंग का फरार सरगना वकील नवीन देवानी व उसका साथी नीतेश बंधु विदेश भागने की फिराक में हैं। एसओजी को बिल्डर, मार्बल व्यवसाई, फैक्ट्री मालिक, डॉक्टर, होटल व रिसोर्ट मालिक सहित कई बड़े गैंग से पीड़ित लोगों ने सम्पर्क किया और केवल एक जने ने ही लिखित शिकायत की है। बड़े गैंग से ब्लैकमेल हुए लोगों की संख्या 40 से ऊपर पहुंच चुकी है, जिनसे 20 करोड़ रुपए से अधिक वसूले गए हैं।
जयपुर में अजमेर रोड निवासी फैक्ट्री मालिक और उसके साथी ने एसओजी पहुंचकर अपनी पीड़ा बताई और लिखत रिपोर्ट दर्ज कराई। फैक्ट्री मालिक ने बताया कि उसके पास उत्तराखंड की एक युवती नौकरी मांगने आई, जिसे उसने नौकरी दे दी। इस युवती ने पहले उससे व उसके दोस्त से दोस्ती बढ़ाई और फिर शारीरिक संबंध बनाए।
इसके बाद वकील अखिलेश ने फोन कर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी और 30 लाख रुपए मांगे। फैक्ट्री मालिक और उसके दोस्त ने अखिलेश और पुष्पेंद्र को 11 लाख रुपए दिए। इस रिपोर्ट के आधार पर एसओजी ने गैंग के मुखिया राकेश, अखिलेश व पुष्पेन्द्र को गिरफ्तार किया।
फैक्ट्री मालिक व उसके दोस्त द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद एसओजी ने महेश नगर से बड़े गैंग के सरगना नवीन की कार चलाते हुए ड्राइवर राकेश को धरा। राकेश से 2.5 लाख के नए नोट, नवीन का पास्पोर्ट, कपड़े व फर्जी प्रेस कार्ड बरामद हुए। एसओजी की पूछताछ में राकेश ने नवीन का फोन आने की बात स्वीकार की।
नवीन ने राकेश को उसका पास्पोर्ट, कपड़े आदि गाड़ी में रखने के लिए कहा था। नवीन ने राकेश को कहा था कि अगले फोन पर बता देंगे कि इन्हें कहां और कब लाना है। दूसरा फोन आने से पहले ही एसओजी ने राकेश को कार में घूमते हुए पकड़ लिया। राकेश और पुष्पेंद्र पहले नवीन के लिए ही काम करते थे, लेकिन मोटा पैसा बनाने के लिए दोनों ने अलग गैंग बना लिया था।