कांग्रेस को पटखनी देकर भाजपा सरकार बनते ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान काडर के जिन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को केन्द्र से बुलाया था, वे वापस केन्द्र में पहुंच गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की टीम में वित्त सचिव के रूप में दिल्ली जाने वाले राजस्थान के मुख्य सचिव राजीव महर्षि को वसुंधरा ने दिल्ली से ही बुलाया था। महर्षि के जाने के बाद राजस्थान में मात्र एक अफसर सी.एस. राजन बचे हैं, जो वरिष्ठता के आधार पर सीएस बन सकते हैं।
राजस्थान में वसुंधरा राजे के चहेते राजीव महर्षि, सुनील अरोड़ा जैसे आईएएस अफसरों के दिल्ली जाने से कारण यहां वरिष्ठ आईएस अधिकारियों का खासा टोटा हो गया है। राजस्थान करीब 90 अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है।
खास बात यह है कि पिछले डेढ़ महीने में महर्षि सहित तीन और सालभर में आठ वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली रवाना हो चुके हैं।
वसुंधरा के पिछले कार्यकाल में उनके प्रमुख सचिव रहे सुनील अरोड़ा को उन्होंने इस बार गृह विभाग सौंपा था, लेकिन वे भी मोदी टीम में स्किल डेवलपमेंट का काम सम्भालने दिल्ली पहुंच चुके हैं।
राजस्थान में आईएएस के 296 पद हैं, जिन पर 209 आईएएस हैं। इस महीने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संगीता गेरोला सेवानिवृत्त हो जाएंगी औंर 208 ही आईएएस बचेंगे।