डूंगरी बांध आंदोलन को लेकर आज सवाई माधोपुर जिले में उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया और पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पेश है पूरी रिपोर्ट—
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के तहत प्रस्तावित डूंगरी बांध को रद्द किए जाने की मांग को लेकर आज डूंगरी बांध रद्द करो आंदोलन समिति के आह्वान पर ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया। समिति की जिला कलेक्टर से हुई वार्ता के बाद अजनोटी गांव में किसानों को ट्रैक्टर रैली के साथ आमसभा करने की अनुमति दी गई थी।
इसके बाद सैकड़ों ट्रैक्टरों पर सवार किसान अजनोटी गांव के हाईवे के पास मैदान में पहुंचे, जहां ट्रैक्टरों के साथ पड़ाव डालकर आमसभा आयोजित की गई। आमसभा में वक्ताओं के भाषण चल रहे थे, तभी अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। रैली में शामिल कुछ युवाओं ने वक्ताओं का विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर ट्रैक्टर मार्च करने की घोषणा कर दी।
आंदोलन समिति के पदाधिकारियों ने युवाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। इस घटनाक्रम के बाद आमसभा दो हिस्सों में बंट गई। कुछ युवक ट्रैक्टर लेकर सवाई माधोपुर की ओर बढ़ने लगे। हाईवे पर पहले से तैनात पुलिस बल ने ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की लेकिन ट्रैक्टर चालक नहीं रुके और तेज गति से ट्रैक्टर चलाते हुए पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी किसी तरह ट्रैक्टरों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे।
इसी दौरान आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस की गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पथराव के कारण कुछ देर के लिए पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
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हालांकि इसके बाद पुलिस ने फिर से मोर्चा संभालते हुए हाईवे पर जगह-जगह नाकाबंदी कर दी। अजनोटी से लेकर सवाई माधोपुर तक पूरा हाईवे पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। मौके पर पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद रहे और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अजनोटी क्षेत्र में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई।
पुलिस ने आंदोलनकारियों को हाईवे से हटाया, जिसके बाद आमसभा सीमित दायरे में चलती रही। बाद में मलारना डूंगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को किसानों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम डूंगरी बांध को रद्द करने की मांग का ज्ञापन सौंपा।
आंदोलन समाप्त होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि करीब डेढ़ घंटे तक हालात बेहद तनावपूर्ण बने रहे लेकिन पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी सूरत में डूंगरी बांध का निर्माण उन्हें स्वीकार नहीं है और सरकार को यह निर्णय तत्काल प्रभाव से रद्द करना चाहिए।