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राजस्थान में मौत पर भारी पड़ी हिम्मत: पैंथर के जबड़े से भाई को खींच लाई बहन, 15 मिनट तक लड़ी; अब हो रही तारीफ

Wed, 17 Jun 2026 11:57 AM IST
सवाई ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर

सार

सवाई माधोपुर के टोडरा गांव में एक बहन ने अद्भुत साहस दिखाते हुए पैंथर के हमले से अपने भाई की जान बचा ली। देर रात पैंथर ने छत पर सो रहे युवक पर हमला कर दिया था। बहन राधा करीब 15 मिनट तक संघर्ष करती रही और आखिरकार भाई को मौत के मुंह से बाहर निकाल लाई।

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पैंथर के जबड़े से भाई को खींच लाई बहन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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सवाई माधोपुर जिले से बहादुरी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। खंडार क्षेत्र के टोडरा गांव में एक बहन ने अपनी जान की परवाह किए बिना पैंथर के हमले का सामना किया और अपने भाई को मौत के मुंह से वापस खींच लाई। यह पूरी घटना सोमवार देर रात की है, जब रणथंभौर क्षेत्र से भटककर एक पैंथर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया।
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आधी रात को छत पर पहुंचा पैंथर
जानकारी के अनुसार रात करीब एक बजे रणथंभौर की फलौदी रेंज से निकला पैंथर टोडरा गांव के गुर्जर मोहल्ले में पहुंच गया। घनी आबादी के बीच वह कई मकानों की छतों से होता हुआ बद्रीलाल गुर्जर के करीब 15 फीट ऊंचे मकान की छत पर जा पहुंचा। उस समय परिवार के सदस्य छत पर सो रहे थे। इसी दौरान पैंथर ने सो रहे राज गुर्जर पर हमला कर दिया और उसके सिर को जबड़ों में दबोच लिया।

भाई को बचाने के लिए मौत से भिड़ गई बहन
पैंथर के हमले के दौरान राज की बहन राधा की नींद खुल गई। सामने का दृश्य देखकर वह घबरा जरूर गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। अपने भाई को बचाने के लिए वह सीधे पैंथर से भिड़ गई। राधा लगातार शोर मचाती रही और पैंथर से संघर्ष करती रही। बताया जा रहा है कि पैंथर राज को घसीटते हुए छत के अंतिम छोर तक ले गया था, लेकिन बहन ने उसका पीछा नहीं छोड़ा।
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दीवार बनी भाई की जिंदगी की ढाल
राधा ने बताया कि पैंथर उसके भाई को आसानी से छोड़ने को तैयार नहीं था। वह उसे घसीटते हुए पड़ोसी मकान की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान दोनों मकानों के बीच बनी करीब तीन फीट ऊंची दीवार उसके रास्ते में आ गई, जिससे पैंथर की गति धीमी पड़ गई। 

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कुछ सेकंड की देरी पड़ सकती थी भारी
राधा का कहना है कि वह डरी हुई थी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। मेरे मन में बस एक ही बात थी कि किसी तरह भाई को बचाना है। इसी दौरान शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। यदि कुछ सेकंड और देर हो जाती, तो भाई को बचा पाना बेहद मुश्किल हो जाता। इसी बीच शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। लोगों की आवाजें सुनकर पैंथर वहां से भाग निकला।
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बहादुरी की मिसाल बनी राधा
गांव के लोग राधा की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं। जिस तरह उसने अपनी जान जोखिम में डालकर पैंथर का सामना किया, उसे लोग साहस और भाई-बहन के अटूट रिश्ते की मिसाल बता रहे हैं।
 
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