बीते दिनों जिले में हुई मूसलाधार बारिश ने बाढ़ का ऐसा कहर बरपाया कि लोगों की जान पर भी संकट मंडरा गया। संघर्ष करके लोगों ने अपनी जान तो बचा ली लेकिन बाढ़ के सैलाब में हजारों लोगों का सब कुछ तहस-नहस हो गया। घर, आटा, गेहूं, कपड़े, बिस्तर और पशुओं का चारा पानी में बह गया। कई मकान धराशायी हो गए, अनगिनत पशु मारे गए और टीन टप्पर उड़ गए।