जिले की मित्रपुरा तहसील क्षेत्र के घाटा नेनवाड़ी गांव में लगने वाले तीन दिवसीय देवनारायण मेले का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। देवनारायण मन्दिर ट्रस्ट के महामंत्री पवन पोषवाल ने बताया कि आज सुबह मेले की शुरुआत से पहले प्रयागराज महाकुंभ में महामंडलेश्वर की उपाधि मिलने के बाद पहली बार मित्रपुरा तहसील क्षेत्र में पधारे महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 संत शिरोमणि श्री बालकानंदजी महाराज का अलग-अलग जगह स्वागत किया गया।
सेवकों ने महामंडलेश्वर महाराज का बोरदा में, मित्रपुरा पेट्रोल पंप पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने, बस स्टैंड पर मोरन ग्राम पंचायत, जैन धर्मशाला में सर्वसमाज के कस्बेवासियों ने, अस्पताल के पास रुंगटी गांव ने, स्कूल के पास सैनी समाज ने, बीएसएनएल टावर के पास कुम्हार ढाणी पर, उदगांव गांव में और कुशलपुरा मोड़ पर स्वागत किया।
इसके बाद जींद की बावड़ी पहुंचकर पूरे विधि-विधान के साथ शुरू हुई कलश यात्रा ने देव डूंगरी के चारों ओर परिक्रमा लगाई और पहाड़ पर स्थित देवनारायण मंदिर के शिवजी का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात महामंडलेश्वर महाराज ने महाप्रसादी का शुभारंभ किया, जिसमें करीब 15 हजार लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
महामंडलेश्वर श्री बालकानंद जी महाराज के स्वागत के लिए सेवकों ने 10 किमी लंबी शोभायात्रा निकाली। इस आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए थानाधिकारी नरेश पोषवाल ने थाने के अलावा लाइन से 88 पुलिसकर्मियों का अतिरिक्त जाब्ता लगाया। साथ ही थाने से लेकर घाटा नेनवाड़ी तक विभिन्न पॉइंट्स पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।