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Sawai Madhopur: भालुओं को लगी घी, गुड़ और मिठाई की लत, मंदिरों और दुकानों पर बोल रहे धावा, ग्रामीणों में दहशत

Tue, 19 Nov 2024 12:04 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर

सार

रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सटे खंडार क्षेत्र के गांवों में भालुओं का मूवमेंट बढ़ने से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। भालू रात के समय आबादी क्षेत्र में घुसकर दरवाजे तोड़ने, दुकान और मंदिरों में खाद्य सामग्री चट करने की घटनाएं कर रहा है।
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रात के समय आबादी क्षेत्र में घूमता भालू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाघों की अठखेलियों को लेकर विश्व पटल पर खास पहचान रखने वाले सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व में टाईगर के साथ ही पैंथर, लेपर्ड और भालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। रणथंभौर से सटे गांवों में कई बार टाईगर की मूवमेंट देखी गई है। वहीं अब टाईगर के बाद पैंथर, लेपर्ड और भालुओं का मूवमेंट में गांवों की आबादी क्षेत्र के निकट देखा जाने लगा है। 

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रणथंभौर से सटे खंडार क्षेत्र के तलावड़ा, गोठबिहारी, निमली, जैतपुर, बहरावंडा, नायपुर सहित कई गांवों में भालू रात के समय रणथंभौर के जंगलों से निकलकर आबादी क्षेत्र में गुस आते हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी रहती है। इसी कड़ी में विगत करीब 10-15 दिनों से खंडार क्षेत्र के तलावड़ा गांव में भालू की पदचाप से ग्रामीणों में दहशत है। 

बीती रात गोठ बिहारी गांव में एक बार फिर भालू आ गया और कई दुकानों और घरों के दरवाजे तोड़ने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने भालू का वीडियो भी बनाया है। गांव के आबादी क्षेत्र में भालू के मूवमेंट को लेकर ग्रामीणों ने कई बार वनाधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। रात के समय भालू का मूवमेंट गांव के आबादी क्षेत्र में बना रहता है। 
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ग्रामीण नीरज, कैलाश, मुकेश आदि ने बताया कि रात होते ही भालू रणथंभौर के जंगलों से निकलकर गांव के आबादी क्षेत्र में आ जाता है। गांव की गलियों में घूमता रहता है, जिससे ग्रामीणों में हर वक्त भय बना रहता है, भालू रात को खाने पीने की तलाश में मकानों के दरवाजे तोड़ने का प्रयास करता है। भालू ने गांव के मुकेश योगी की दुकान का दरवाजा तोड़ दिया था। दुकान में रखी मिठाइयां गुड़ और अन्य खाद्य सामग्री खा गया था। 

इसी तरह भालू गांव के भैरूजी के मंदिर का दरवाजा तोड़कर मंदिर में घुस गया और मंदिर में रखा घी और गुड़ और मिठाइयां चट कर गया। ग्रामीणों का कहना है कि भालू घी, गुड़ और मिठाइयों की तलाश में गांव में घूमता है। मकानों के दरवाजे तोड़ने का प्रयास करता है, जिसे लेकर ग्रामीणों में दहशत व्यप्त है। ग्रामीणों ने वनाधिकारियों से भालू को पकड़कर अन्यत्र छोड़ने की मांग की है।

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