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Satta Ka Sangram: चुरू के मतदाताओं में मोदी लहर, जातिगत आधार पर नहीं विकास के मुद्दे पर करेंगे वोट

Sun, 31 Mar 2024 03:55 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चुरू

सार

राजस्थान की गर्मी के साथ-साथ चुनावी सरगर्मी में भी दिन-ब-दिन बढ़ोतरी होती जा रही है। चुनावों में मतदाता के रुख और उनके विचार जानने के लिए अमर उजाला के सत्ता का संग्राम चुनावी रथ के साथ चुरू पहुंची हमारी टीम ने दोपहर के सत्र में युवा मतदाताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ मतदाताओं से बातचीत की। 
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सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला की सत्ता का संग्राम टीम के साथ चर्चा करते हुए यहां मौजूद दौलत कंवर ने चुरू के चुनावी मुद्दों के साथ ही राहुल कस्वां के पार्टी बदलने को लेकर कहा कि चुरू में सिंचाई के पानी और पेयजल को लेकर सबसे बड़ी समस्या थी, जिसे प्रदेश की भजनलाल सरकार ने यमुना जल बंटवारे के तहत हल कर दिया है। प्रदेश सरकार के इस कार्य के चलते भाजपा के पक्ष में माहौल बनता दिखाई दे रहा है।

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युवाओं की तरफ से बोलते हुए रामचंद्र सैनी ने आने वाली सरकार से बेरोजगारी खत्म करने की बात कही। राहुल कस्वां के पार्टी बदल लेने के बाद उलझे समीकरणों के सवाल पर अमजद तुगलक का कहना था कि यहां की जनता विकास चाहती है लेकिन कुछ लोग इसे जातिगत राजनीति में धकेलना चाह रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र झाझड़िया मुद्दों के साथ सभाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां युवाओं के खेल के प्रति रुझान को देखते हुए खेल के लिए उचित व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की बात वे कर रहे हैं। मोदी जी के नेतृत्व में जिले के इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ है। 

युवाओं के लिए नौकरी के अवसर, उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के बारे में पूछने पर एक मतदाता ने कहा कि मोदीजी ने युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम के तहत युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। जो युवा कल तक सरकारी नौकरियों के पीछे भाग रहे थे आज खुद का रोजगार स्थापित करके दूसरों को नौकरियां उपलब्ध करा रहे हैं। 
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सरकारी नौकरियों और बेरोजगारी के लिए मोदी सरकार पर प्रश्नचिन्ह लगाने वालों के बारे में एक मतदाता का कहना था कि सरकारी नौकरियां सीमित हैं, जबकि उसे चाहने वालों की संख्या अधिक। ऐसे में सरकार ने कौशल विकास और स्टार्ट अप को लेकर जो योजनाएं चलाई हैं, उससे रोजगार के संसाधन बढ़े हैं। 

एक युवा मतदाता ने यहां चुने जाने वाले सांसद से चुरू की गंदगी और सड़क समस्या के निवारण का निवेदन किया। पेपर लीक के मुद्दे से चुरू भी अछूता नहीं रहा। यहां भी युवाओं ने इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकारी भर्तियों में इस तरह की बातें होने से युवाओं का मनोबल टूटता है। सरकार को इसकी तरफ ध्यान देना चाहिए। यहां युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के कोई खास संस्थान उपलब्ध नहीं हैं इसलिए युवाओं को यहां से बाहर ही जाना पड़ता है।

एक दिव्यांग मतदाता अख्तर खान ने दिव्यांगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात करते हुए कहा कि अब तक किसी भी सरकार ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने देवेंद्र झाझड़िया को प्रत्याशी बनाए जाने पर मोदीजी को धन्यवाद ज्ञापित किया। खान का कहना था कि दिव्यांगों के लिए जो सुविधाएं सरकार ने स्वीकृत की हैं वे केवल कागजों में ही सिमटकर रह गई हैं।

एक धारणा बनी हुई है कि नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा जा रहा है, प्रत्याशियों के बारे में जनता सोचती नहीं है ऐसे में क्या स्थानीय मुद्दे गौण रहेंगे। इस प्रश्न के जवाब में एक मतदाता का कहना था कि राष्ट्र हित सर्वोपरि है। लेकिन जहां तक स्थानीय मुद्दों का प्रश्न है, राहुल कस्वां ने सांसद रहते हुए अनुसूचित जाति और निचले तबके के लिए कोई कार्य नहीं किए। अब भाजपा ने नए प्रत्याशी को उतारा है तो निश्चित तौर पर कुछ उम्मीदें बंधी हैं।

इन सबके बीच एक किसान मतदाता सवाई सिंह राजपूत का कहना था कि अब तक इतनी सरकारें आई और गईं लेकिन किसी ने भी जिले में कोई विकास नहीं किया है। यहां पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे पार्टी कोई भी हो चुरू का विकास होना चाहिए।

कुल मिलाकर यहां मतदाता राहुल कस्वां के जातिगत आधार पर पार्टी बदलने और उसी को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ने की बात पर नाराज दिखाई दिए। मतदाताओं का कहना है कि केंद्र में मोदी सरकार के नेतृत्व में देश के विकास के साथ-साथ क्षेत्र का भी विकास हुआ है और उनके प्रत्याशी विकास के मुद्दों को लेकर ही चुनाव मैदान में हैं।
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