राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया सीएम अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस के विधायक मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार और विकास कार्य नहीं होने को लेकर चिट्ठी लिखते हैं। यह चिट्ठी विधायकों से भाजपा नहीं लिखवाती, सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण विधायक सरकार के खिलाफ चिट्ठी लिखते हैं।
उन्होंने कहा, कांग्रेस हॉर्स ट्रेडिंग और एलिफेंट ट्रेडिंग की जनक है, राजस्थान इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, अशोक गहलोत ने अपनी अल्पमत सरकार को बचाने के लिए कई बार बसपा के विधायकों को बिना उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष की सहमति से मर्ज कर लिया। क्या यह अलोकतांत्रिक और अनैतिक नहीं है?
पूनिया ने कहा, हमने कांग्रेस सरकार को गिराने की कोशिश नहीं की, मुख्यमंत्री की तानाशाही कार्यशैली से नाराज होकर कांग्रेस विधायक उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान दे रहे हैं। क्या यह सब भाजपा करवा रही है? पिछली बार राज्यसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेश के डिप्टी सीएम को पद से बर्खास्त कर दिया और अपनी ही पार्टी के विधायकों पर राजद्रोह का केस दर्ज करवाया था।
मुख्यमंत्री को अपनी कुर्सी बचाने से ज्यादा चिंता किसी बात की नहीं है। बहन-बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर जब मीडिया सवाल करता है तो नमस्कार कर चले जाते हैं। राजस्थान की जनता, बहन-बेटियां, किसान और युवा 2023 में जनविरोधी कांग्रेस पार्टी की सरकार को हमेशा के लिए नमस्कार कर सत्ता से बाहर करेंगे।