केशवरायपाटन से भाजपा विधायक चंद्रकांता मेघवाल को कोटा के महावीर नगर थाना पुलिस ने पांच साल पुराने केस में सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत नोटिस दिया है। विधायक को मगंलवार सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने सीएम गहलोत पर भाजपा विधायकों के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।
10 जून को राज्यसभा के लिए मतदान होना है। भाजपा के सभी विधायक बाड़ेबंदी में हैं। इसी बीच चंद्रकांता मेघवाल को नोटिस देने पर सियासत गरम हो गई है। सतीश पूनिया ने ट्वीट कर लिखा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस और मुख्यमंत्री गहलोत नैतिक रूप से हार चुके हैं। सीएम गहलोत की ओर से भाजपा के विधायकों को कार्रवाई के नाम पर भयभीत करने का कुत्सित षड्यंत्र रचा जा रहा है। आग से मत खेलिए गहलोत साहब! चुनाव तो 10 जून को हो जाएंगे फिर ? फिर का अभी पता नहीं लेकिन ये तय है कि राजस्थान में राजनीतिक गर्माहट 2023 के चुनावी रण तक इसी प्रकार की बनी रहने की उम्मीद है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने भी ट्वीट कर लिखा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में डर है। इसी वजह से पांच साल पुराने केस में विधायक को नोटिस भेजा गया है। यह कांग्रेस के लिए बहुत महंगा साबित होगा।
बता दें कि विधायक चंद्रकांता मेघवाल के खिलाफ 20 फरवरी 2017 को तत्कालीन एसएचओ श्रीराम बड़सेरा ने एफआईआर दर्ज कराई थी।