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Salumber: जावर माइंस में पांचवें दिन भी हड़ताल जारी, 2000 मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट, प्रबंधन पर गंभीर आरोप

Thu, 23 Apr 2026 05:31 PM IST
सलूंबर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सलूंबर

सार

जावर माइंस में जारी हड़ताल ने पूरे क्षेत्र की आर्थिक रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। खदानों में उत्पादन बंद होने से मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। मजदूरों ने हालातों के लिए प्रशासन और प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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जावर माइंस के मजदूर
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विस्तार
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जिले के जावर माइंस क्षेत्र में मजदूरों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी है। हड़ताल के चलते खदानों का कामकाज पूरी तरह ठप है, जिससे हजारों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

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बता दें कि जावर माइंस क्षेत्र में मजदूर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। हड़ताल के कारण नॉर्थ और सेंट्रल बरोई खदानों में उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया है। इसका असर न केवल खदान प्रबंधन बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार करीब 2000 से अधिक मजदूर इस हड़ताल से प्रभावित हैं और पिछले पांच दिनों से काम बंद होने के कारण उनकी आय पूरी तरह रुक गई है। 

मजदूरों का कहना है कि परिवारों के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और जरूरी जरूरतों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि बाहरी दबाव के चलते करीब 17 लोगों को भूमिगत खदानों में नौकरी देने के लिए उन पर सहमति बनाने का दबाव डाला जा रहा है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और अन्य श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
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धरने पर बैठे मजदूरों ने विधायक, पुलिस और प्रशासन पर भी सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है और उनकी आवाज को अनसुना किया जा रहा है।
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मजदूरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 

उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सभी श्रमिकों के हित में समाधान निकालने की मांग की है। वहीं खदान प्रबंधन और प्रशासन के सामने हालात को जल्द सामान्य करने की चुनौती बनी हुई है।

 

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