काले हिरण शिकार में अवैध हथियार इस्तेमाल के आरोपी अभिनेता सलमान खान को जोधपुर की अदालत ने कुछ राहत दी है, लेकिन अपनी जमानत की राह देख रहे नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में जेल काट रहे आसाराम को कोई राहत नहीं मिली है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने सलमान की निगरानी याचिका को स्वीकार करते हुए सीजेएम अदालत को सलमान की अर्जी पर पुन: सुनवाई करने के आदेश दिए हैं।
वहीं, दर्जनभर बीमारियों को लेकर आसाराम की ओर से लगाई गई अंतरिम जमानत याचिका पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसी कोई बीमारी नहीं है, जिसका इलाज सिर्फ केरल हो सके। यह कहते हुए अदालत ने अंतरिम जमानत याचिका और पूर्व में लगाई गई जमानत याचिका की एक साथ सुनवाई करने के तहत 12 जुलाई अगली तारीख दे दी।
सलमान को बचाव में साक्ष्य पेश करने का मिला समय
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सलमान खान और आसाराम के बहुचर्चित मामलों की सुनवाई मंगलवार को थी। अवैध हथियार इस्तेमाल मामले में सलमान को बचाव साक्ष्य पेश करने का अंतिम मौाका था। सलमान के वकील ने एक अर्जी पेश कर तत्कालीन कलेक्टर व अभियोजन स्वीकृति देने वाले रजत कुमार मिश्र को वापस बुलाने को कहा।
अर्जी स्वीकार होने के कारण पहले इस अर्जी पर सुनवाई होगी और उसके बाद ही बचाव साक्ष्य पेश किए जाएंगे। सलमान के अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अर्जी को खारिज करने पर एक निगरानी याचिका पेश की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। सलमान की अर्जी पर अब 12 जुलाई को सीजेएम अदालत में पुन: बहस शुरू होगी।
अब सलमान को अपने बचाव में साक्ष्य पेश करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। गौरतलब है कि वर्ष 1998 में जोधपुर में फिल्म हम साथ-साथ हैं की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर तीन अलग-अलग स्थान पर हिरणों का शिकार करने का आरोप है। साथ ही यह भी आरोप है कि उन्होंने शिकार में जिन पिस्टल व राइफल का इस्तेमाल किया उनकी लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी थी।
फिलहाल जेल में ही रहेंगे आसाराम
जोधपुर केन्द्रीय कारागार में पौने तीन साल से जमानत को तरस रहे आसाराम फिलहाल जेल में ही रहेंगे। आसाराम के वकीलों ने अंतरिम जमानत याचिका लगाकर राजस्थान उच्च न्यायालय में बीमारियों का हवाला देते हुए कहा कि इनका इलाज सिर्फ केरल में हो सकता है। लेकिन न्यायाधश ने कहा ऐसी कोई बीमारी नहीं है, जिसका इलाज सिर्फ केरल में हो।
इस याचिका में आसाराम ने बारह बीमारियों का हवाला दिया था और कहा थआ कि वह इनका इलाज केरल जाकर कराना चाहते हैं। अदालत की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा पेश की गई मेडिकल जांच के आधार पर कहा कि कि इसके आधार पर उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं है।
ऐसे में इलाज कराने केरल जाने का क्या औचित्य है। इसके बाद आसाराम के वकील ने अदालत को सुझाव दिया कि उनकी नियमित जमानत याचिका के साथ ही इस अंतरिम जमानत याचिका की सुनवाई की जाए। सुझाव को स्वीकार करते हुए अब दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई 12 जुलाई को रखी गई है।