राजस्थान के बोर्ड, निगम, आयोग के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों के अलावा कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री के दर्जा वाले बोर्ड व निगम अध्यक्षों के लिए मंगलवार का दिन मंगल रहा। मंत्रिमंडल सचिवालय के आदेश के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग बोर्ड, निगम और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों के जरिए अध्यक्ष-उपाध्यक्षों के वेतन भत्तों में 40 हजार की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, कैबिनेट और राज्य मंत्री के दर्जा वाले बोर्ड-निगम के अध्यक्षों के वेतन भत्ते 52 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
मंगलवार को मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से जारी आदेश के तहत कैबिनेट मंत्री का दर्जा वाले अध्यक्षों को अब 65 हजार रुपए महीना वेतन मिलेगा। वहीं, सत्कार भत्ता दर्जा 55 हजार रुपए दिया जाएगा। अब हर महीनें इन्हें 1. 20 लाख रुपए मिलेंगे। इससे पहले इन अध्यक्षों का वेतन 45 हजार और भत्ता 34 हजार रुपये था। हर महीने अध्यक्षों के 79 हजार रुपए मिलते थे।
इसी तरह राज्य मंत्री का दर्जा वाले बोर्ड निगमों के अध्यक्षों का वेतन 62 हजार रुपए और सत्कार भत्ता 55 हजार रुपए गिया गया है। अब इन्हें हर महीने 1. 17 लाख रुपये मिलेंगे। इससे पहले वेतन 42 हजार और भत्ता 34 हजार रुपये था। हर महीने इन्हें 76 हजार रुपए मिलते थे।
खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष बृजकिशोर शर्मा, बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (बीसूका) के उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान, राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड अध्यक्ष रामेश्वर डूडी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला हुआ है। अब हर महीने इन्हें 1. 20 लाख रुपए मिलेंगे। इसके अलावा प्रदेश के 26 बोर्ड-निगमों के 26 अध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा मिला हुआ है। अब इन्हें हर महीने 1. 17 लाख रुपये मिलेंगे। बता दें कि इससे पहले भाजपा शासन काल में 7 दिसंबर 2017 को बोर्ड निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों का वेतन-भत्ता बढ़ाया गया था।