राजस्थान में आज भी ग्रामीण लोग अंधविश्वास के चलते इलाज के लिए अस्पताल जाने के बजाय भोपाओं (बाबाओं) के चक्करों में फंस रहे हैं और जान जोखिम में डाल रहे हैं।
भीलवाड़ा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक साल के बीमार मासूम को बाबा ने ठीक करने के नाम पर गर्म सलाखों से दागा। जब बच्चे की जान पर बन आई, तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मासूम की स्थित नाजुक बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार भीलवाड़ा के करेड़ा थाने क्षेत्र में स्थित उनहाली का बाड़िया गांव निवासी नारायण लोहार के एक साल के बेटे शानू की तबियत खराब हो गई थी। नारायण और उसकी पत्नी अपने बेटे को अस्पताल ले जाने के बजाय एक धर्म स्थल पर ले गए।
यहां बाबा मोहन सिंह ने इलाज के नाम पर बच्चे के पेट पर गर्म सलाखें दाग दीं। इससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मामला बाल संरक्षण समिति पहुंचा। समिति के निर्देश पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।