राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में उधेड़बुन और सियासी दांव पेंच का माहौल बना हुआ है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट अपने मुद्दों और 3 मांगों को लेकर अपनी ही पार्टी की गहलोत सरकार से अड़े हुए हैं, तो सीएम अशोक गहलोत भी झुकने को तैयार नहीं हैं।
पायलट ने नहीं बनाई कोई पार्टी
'प्रगतिशील कांग्रेस' और 'राज जन संघर्ष पार्टी' नाम की दो पार्टियों को सचिन पायलट की बताते हुए अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन पायलट खेमे के सूत्रों ने इनकार किया है कि सचिन पायलट की इन पार्टियों में भागीदारी नहीं है। अभी कांग्रेस हाईकमान के आगामी स्टैंड का इंतजार किया जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में कोई फैसला नहीं
गहलोत कैबिनेट की बैठक में सचिन पायलट की मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ। पायलट खेमे की उम्मीदों को इससे बड़ा झटका लगा है। पिछली बीजेपी की वसुंधरा राजे सरकार के शासनकाल में हुए कथित घोटाले और भ्रष्टाचार की जांच, आरपीएससी को भंग करने, पेपर लीक मामले में प्रभावित सभी अभ्यर्थियों को आर्थिक मुआवजा देने की पायलट की मांग अधूरी ही रह गई है। माना जा रहा है अब राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने के बाद ही सचिन पायलट अपनी मांगों को आगे बढ़ाएंगे।