राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से पहले सचिन पायलट के किसान सम्मेलनों, जनसभाओं और जनसंपर्क के कार्यक्रम आज से शुरू हो रहे हैं। लगातार पांच दिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सभाएं करेंगे। इससे कांग्रेस में चल रही खींचतान एक बार फिर बढ़ सकती है। अबकी बार गहलोत और पायलट के बीच सत्ता संघर्ष में गहलोत गुट के सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी पायलट गुट में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही माना यह भी जा रहा है कि बसपा से कांग्रेस में विलय कर चुके छह विधायकों में से तीन विधायक पायलट के साथ सम्मेलनों के मंच पर नज़र आ सकते हैं।
हनुमानगढ़, झुंझुनूं, पाली, जयपुर में शक्ति प्रदर्शन
सचिन पायलट आज मारवाड़ के नागौर के परबतसर से जनसभाओं की शुरुआत करने जा रहे हैं। इन सभाओं को किसान सम्मेलन का नाम दिया गया है। परबतसर की सभा में विधायक रामनिवास गावड़िया के नेतृत्व में सचिन पायलट समर्थक शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। परबतसर के बाद 17 जनवरी को हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में सचिन पायलट की सभा है। जिसमें नहरी क्षेत्र के किसानों को संदेश दिया जाएगा। 18 जनवरी को सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के गृह क्षेत्र झुंझुनू के गुढ़ा में होने वाले सम्मेलन में शेखावाटी संभाग से बड़ी भीड़ जुटाने की कोशिश है। 19 जनवरी को पाली के समदड़ी में किसान सम्मेलन किया जाएगा। 20 जनवरी को राजधानी जयपुर के महाराजा कॉलेज ग्राउंड में सचिन पायलट की सभा रखी गई है।
पुरानी मांगों को फिर से हवा दे सकता है पायलट गुट
इन सम्मेलनों की तैयारी को लेकर सभी विधानसभा क्षेत्रों के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी पायलट समर्थकों और टीम की ओर से जनसंपर्क किया जा रहा है। पायलट जनसभाओं के अलावा जनसंपर्क भी करेंगे। जिस रास्ते से गुजरेंगे कार्यकर्ता और समर्थक जगह जगह स्वागत करेंगे।
पायलट ने कुछ महीने पहले झालावाड़ और कोटा में जनसभाएं और बड़े स्तर पर दौरे किए थे। इससे पहले वह अपने समर्थक विधायकों के क्षेत्र में किसान सम्मेलन कर चुके हैं। किसान सम्मेलन और जनसंपर्क के नाम पर शक्ति प्रदर्शन को लेकर यह भी चर्चा है कि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे को पायलट गुट के नेता हवा दे सकते हैं। इन सम्मेलन के जरिए पायलट कैंप मांगों को फिर से कांग्रेस आलाकमान के सामने उठा सकता है।