राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच सचिन पायलट ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। करीब एक 1 घंटे की बैठक के बाद सचिन पायलट 10 जनपथ से बाहए आए तो मीडिया ने उन्हें घेर लिया। कई दिन से सियासी घमासान पर चुप्पी साधे पायलट ने मीडिया से बात की। इस दौरान उनसे प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर सवाल पूछा गया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। सचिन पायलट ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता राजस्थान है।
सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में जो भी घटनाक्रम हुआ उस पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य नेताओं से विस्तार से बात की। मेरी भावनाएं और मेरा फीडबैक उन्हें दे दिया है। उन्होंने हमारी सभी बातों को सुना। राजस्थान मेरी पहली प्राथमिकता है, हम सब चाहते हैं कि 2023 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा जाए। यकीन है कि हम राजस्थान में कांग्रेस की सरकार दोबारा बनाएंगे। राजस्थान को लेकर जो भी निर्णय होना है वह कांग्रेस आलाकमान करेगा।
गहलोत ने सोनिया गांधी से मांगी माफी
इससे पहले गुरुवार दोपहर अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। गहलोत जब सोनिया गांधी से मिलने जा रहे थे तो उनके हाथ में कुछ कागज भी थे। जिसमें से एक को माफीनामा बताया जा रहा है। इस पर लिखा हुआ था कि जो कुछ भी हुआ उसका दुख है, इससे मैं आहत हूं। सोनिया गांधी से करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद सीएम ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा- कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। मैंने हमेशा कांग्रेस में वफादार सिपाही के रूप में काम किया है। विधायक दल की बैठक से पहले जो हुआ उससे मैं आहत हूं। मैं सीएम रहूंगा या नहीं इस पर फैसला हाईकमान करेगा।
कांग्रेस की नेताओं को सख्त सलाह
कांग्रेस पार्टी ने सभी नेताओं को सलाह दी है कि वे किसी भी नेताओं के खिलाफ या पार्टी के आंतरिक मामलों के बारे में सार्वजनिक बयान न दें। अगर इस एडवाइजरी का कोई उल्लंघन किया जाता है तो सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।