अशोक गहलोत-सचिन पायलट (फाइल फोटो)
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राजस्थान में गहलोत सरकार ने राजधानी जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो नगर निगम और दो-दो मेयर बनाने का फैसला किया है। प्रदेश के नगरीय विकास एवं हाउसिंग (यूडीएच) मंत्री शांति धारीवाल ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की।
मंत्री ने बताया कि राजधानी जयपुर, जोधपुर और कोटा में 10 लाख से ज्यादा आबादी होने के कारण अब तीनों शहरों में दो-दो नगर निगम और दो-दो मेयर होंगे।
दूसरी ओर, निकाय चुनाव में महापौर-सभापति सहित अन्य निकाय प्रमुखों के चयन के तरीके पर प्रदेश सरकार अपनों से ही घिरती जा रही है। एक दिन पहले दो कैबिनेट मंत्रियों ने इस बात का विरोध किया था और अब डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी सरकार के इस निर्णय के विरोध में उतर आए हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मेयर-सभापति चुनने के हाईब्रिड तरीके पर न ही विधायक दल बैठक में चर्चा हुई, ना ही सदन या कैबिनेट में। उन्होंने आगे कहा कि मंत्री महोदय यदि नगरपालिका एक्ट के तहत यह निर्णय लेना चाहते हैं तो यह न तो व्यावहारिक रूप से सही है, न ही राजनीतिक दृष्टिकोण से। इस निर्णय में बदलाव की जरूरत है। इसमें बैकडोर एंट्री होगी।
एक दिन पहले गुरुवार को ही खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीना और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी बिल विरोध किया था।