राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कहा है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को भारत सरकार को तुरंत रुकवाना चाहिए।
साथ ही संघ ने राष्ट्रीय शरणार्थी व पुनर्वास नीति बनाने की मांग करते हुए कहा है कि सरकार को बड़ी संख्या में आनेवाले शरणार्थियों की सहायता व पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
संघ ने आरोप लगाया है कि पाक व बांग्लादेश से आने वाले एक धर्म विशेष के घुसपैठिए यहां के शरारती तत्वों के साथ मिलकर देशद्रोही गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
जयपुर के नजदीक जामडोली स्थित केशव विद्यापीठ में आयोजित संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधिसभा की बैठक के अंतिम दिन रविवार को हिंदू शरणार्थियों के संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया।
आरएसएस के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने बताया कि प्रस्ताव में कहा गया है कि यह बहुत ही लज्जा व दुख का विषय है कि इन असहाय हिंदुओं को अपने मूल स्थान और भारत दोनों ही जगह अत्यंत दयनीय जीवन बिताने को विवश होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्पीड़न से असहाय होकर हजारों लोग अपनी जान और इज्जत बचाने के लिए पलायन कर भारत में आने को बाध्य हो रहे हैं। जोशी ने कहा कि संघ की शाखाओं की संख्या बढ़ रही है, जो उत्साहजनक बात है। वर्तमान में देश में 28,700 स्थानों पर करीब 42,000 शाखाएं संचालित की जा रही हैं।