भरतपुर में आरक्षण की मांग करने वाले आंदोलनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और कई बार आंदोलनकारी हाइवे की तरफ आए, तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा। लेकिन देर शाम होते ही आंदोलनकारियों ने नेशनल हाइवे पर फिर से कब्जा कर लिया और इस दौरान पुलिस देखती रह गई। पुलिस के कड़े बंदोबस्त होने के बावजूद भी आंदोलनकारियों ने नेशनल हाइवे जाम कर दिया।
माली, सैनी, मौर्य और कुशवाहा समाज के प्रदर्शनकारी लोग 12 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर अड़े हुए हैं, जिसके चलते शुक्रवार सुबह से ही आंदोलनकारी नेशनल हाइवे पर पहुंचने के लिए लाख प्रयास कर रहे थे। लेकिन एसपी श्याम सिंह ने भरतपुर जिले की सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया था कि किसी भी तरह से आंदोलनकारी हाइवे पर न पहुंचे और कई जगह पर पुलिस के साथ आंदोलनकारियों की झड़प भी हुई। आंदोलनकारियों ने इस दौरान नेशनल हाइवे पर जाने का प्रयास किया तो पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई और पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
आंदोलन के संयोजक मुरारीलाल सैनी को रिहा करने की भी मांग...
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से आंदोलन के संयोजक मुरारीलाल सैनी को रिहा करने की भी मांग की है। पुलिस ने प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए दो दिन पहले ही मुरारीलाल सैनी सहित करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और आंदोलनकारी हाईवे पर डटे हुए हैं।
आंदोलनकारियों के बयान आए सामने...
नेशनल हाइवे जयपुर-आगरा जाम करने के बाद मौके पर पहुंची काफी संख्या में महिलाओं ने एक बयान मीडिया के सामने दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार उन्हें कई बार से लॉलीपॉप दे रही है। लेकिन अबकी बार हम सरकार की बातों में नहीं आएंगे और हम अपना हक 12 प्रतिशत का आरक्षण लेकर रहेंगे। इस दौरान वहां पर अन्य समाज के लोग भी मौजूद थे, जिन्होंने अपने बयान जारी किए हैं।
आंदोलनकारियों ने रात होने का इंतज़ार किया...
भरतपुर में नेशनल हाइवे जाम करने को लेकर आंदोलनकारियों ने रणनीति के तहत काम किया। दिन भर पुलिस फोर्स के साथ तमाम अधिकारी हाइवे पर जमा रहे और आंदोलनकारियों ने वहां पहुंचने का प्रयास किया, तो पुलिस के साथ झड़प होने के बाद आंदोलनकारी वहां से निकल गए। लेकिन जैसे ही शाम होने लगी, आंदोलनकारी नेशनल हाइवे पर इकट्ठा होने लगे और रात होते ही उन्होंने हाइवे पर कब्जा कर लिया और पुलिस को दूर तक खदेड़ दिया। अंधेरे में पुलिस भी ग्रामीण इलाके में आंदोलनकारियों से झड़प करने और उन्हें खदेड़ने में कतरा रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने अतिरिक्त पोस्ट भी बुलवाई है।
दो मंत्रियों के खिलाफ जमकर आंदोलनकारियों ने किया विरोध प्रदर्शन...
आंदोलनकारियों ने कैबिनेट मंत्री भजनलाल जाटव और विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुर्दाबाद के नारे लगाए। आंदोलनकारियों में दोनों ही मंत्रियों के खिलाफ काफी रोष देखने को मिला। करीब शाम सात बजे नेशनल हाइवे के पास में ही एक खेत में बैठकर आंदोलनकारी रणनीति बना रहे थे। उसी दौरान यह नारेबाजी का घटनाक्रम देखने को मिला।