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Reservation Demand: भरतपुर के NH-21 पर डटे चार समाजों के आंदोलनकारी, महिलाओं ने भी थामी लाठियां

Sat, 22 Apr 2023 11:27 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर

सार

राजस्थान में भरतपुर जिले के नेशनल हाईवे-21 पर आंदोलनकारी दूसरे दिन भी कड़ी धूप में हाइवे पर डटे हुए रहे। सैनी समाज की तरफ से अंजली नाम की लड़की नेतृत्व कर रही थी। साथ ही आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात एक सीआई को आंदोलनकारियों के पास भेजा गया, जिसने ज्ञापन मांगा और प्रशासन तक बात पहुंचाने की बात कही।
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महिलाओं ने भी थामी लाठियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भरतपुर के नेशनल हाइवे-21 पर अरोदा हतरा बेरी गांव इलाके में आंदोलनकारी तेज गर्मी में भी हाइवे पर जमे रहे। यहां पर मथुरा निवासी और गिरफ्तार हुए आंदोलनकारी नेता मुरारीलाल सैनी की रिश्तेदार अंजली सैनी इस आंदोलन को लीड कर रही थी। अंजलि ने कहा कि हमारी प्रशासन से मांग है कि मुरारीलाल सैनी सहित अन्य को पुलिस ने पकड़ा है, उनको छोड़ा जाए। नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अगर सरकार ने सख्ती की, तो लाठियों का जवाब लाठियों से दिया जाएगा और जेल भरो आंदोलन करेंगे।

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अंजलि ने बताया कि हम अपना अधिकार मांग रहे हैं। सभी को लोकतंत्र में अपना अधिकार मांगने का हक है। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए शासन-प्रशासन ने रूट डायवर्ट किया हुआ है और लोकल लोगों को कोई परेशानी नहीं हो रही। हमें उम्मीद है इस आंदोलन से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि 12 प्रतिशत आरक्षण की हमारी मांग है। हम अपनी जनसंख्या के आधार पर यह आरक्षण मांग रहे हैं।

एसपी ऑफिस में तैनात सीआई को आंदोलनकारियों के बीच भेजा...
सैनी-माली, शाक्य, कुशवाह, मौर्य आंदोलन की राह पर हैं और 12 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात राधेश्याम सांखला जो कि सैनी समाज से ही हैं, उन्हें आंदोलनकारियों के बीच भेजा गया। जहां पर राधेश्याम सांखला ने कहा कि आप एक कमेटी बनाएं और बिंदुवार अपनी मांगों को लेकर या तो मुझे दें या फिर प्रशासन तक पहुंचा दें, जिससे प्रशासन उन बिंदुओं पर वार्ता के लिए निर्णय ले सके। बिना वार्ता के कोई आंदोलन सक्सेस नहीं हुआ है।
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आंदोलनकारियों के हाइवे के पास ही लगाया खाने का लंगर...
आंदोलनकारियों के लिए अरोदा हतरा के आसपास रहने वाले लोगों ने खाने-पीने की व्यवस्था की। घरों से खाना बनवाकर गाड़ियों के द्वारा जाम स्थल पर पहुंचाया गया। यहां पर उनके लिए पीने के पानी के लिए टैंकर भी भेजे गए। भोजन के वक्त लंगर की तरह बैठकर खाना खाया गया।

प्रशासन ने जयपुर-आगरा रूट डायवर्ट किया...
हाइवे पर आंदोलनकारियों के चक्काजाम के कारण रूट को डायवर्ट किया। जयपुर से आगरा और आगरा से जयपुर का रूट डायवर्ट किया गया। हालात को देखते हुए पुलिस की ओर से जयपुर से आगरा की तरफ आने वाले वाहनों को नगर होते हुए भरतपुर के रास्ते नेशनल हाइवे-21 पर निकाला गया। आगरा से जयपुर जाने वाले वाहनों को बयाना वैर भुसावर छोकरवाड़ा और नदबई होते हुए निकाला गया।

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हाइवे पर 700 मीटर में रोड पर दोनों तरफ डाले पत्थर...
नेशनल हाइवे-21 पर दूसरे दिन आंदोलनकारी हाइवे पर जमे रहे। दोपहर में हाइवे पर कड़ी धूप से बचने के लिए टेंट लगाया गया। अरोदा हतरा और बेरी गांव से गुजर रहे हाईवे पर 700 मीटर तक प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पत्थर डाल दिए, जो दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। प्रदर्शन स्थल से पुलिस की टीम करीब एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर बैठी हुई है।

महिलाएं भी आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हुईं...
12 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन में इन समाजों की महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। आस-पास के गांव सहित अन्य जगहों से काफी संख्या में महिलाएं हाथों में डंडा लिए हुए गर्मी में हाईवे पर जमी रहीं। उनका कहना है कि हम अपना हक लेकर रहेंगे, चाहे इसके लिए हमें कुछ भी मशक्कत करनी पड़े।

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