भरतपुर में गैंगस्टर कुलदीप जघीना के परिजन उसका शव लेने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने जो 4 आरोपी पकड़े हैं, वह किराए के गुंडे हैं। मुख्य आरोपियों के चेहरे सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रहे हैं। उसके बाद भी उन्हें क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है? परिजनों का कहना है कि कुलदीप के हत्यारों के घर में जश्न मनाया जा रहा है, हवाई फायरिंग की जा रही है।
इधर, हत्याकांड के बाद कुलदीप और विजयपाल को ला रही टीम के इंचार्ज हेड कांस्टेबल शंकर लाल ने हलैना थाने में केस दर्ज कराया है। अपनी रिपोर्ट में शंकर लाल ने बताया कि जयपुर शहर से मुजरिम कुलदीप और विजयपाल की भरतपुर कोर्ट में पेशी के लिए ड्यूटी लगी थी। उनके साथ जाब्ते में 6 पुलिसकर्मी सुरेंद्र कुमार, जितेंद्र राठी, महेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, नेमीचंद पुलिस लाइन से रवाना होकर केंद्रीय कारागार पहुंचे। जहां से कुलदीप और विजयपाल को वारंट के साथ अपने कब्जे में ले लिया। केंद्रीय कारागार से रवाना होकर सभी जयपुर में सिंधी कैंप बस स्टैंड पर पहुंचे।
जहां से भरतपुर जाने वाली रोडवेज में सवार होकर रवाना हो गए। अलग-अलग सीटों पर दो-दो जवानों के बीच एक-एक मुजरिमों को बैठाया गया। कमालपुरा बॉर्डर से भुसावर थाना पुलिस बस का एस्कॉर्ट करते हुए पीछे आ रही थी। सीमा खत्म होने के बाद हलैना थाना पुलिस बस को एस्कॉर्ट करने लगी। 11 बजकर 55 मिनट पर जब बस अमोली टोल प्लाजा पर रुकी। तभी 8 से 10 बदमाश अचानक बस के अंदर घुस आए। बस में आते ही बदमाशों ने जाब्ता और दोनों आरोपियों के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दिया। कुछ बदमाश बस के बाहर से भी फायरिंग कर रहे थे।
बदमाशों ने कुलदीप और विजयपाल के पर फायरिंग की। जिसमें दोनों को गोलियां लगी। इस दौरान बस में बैठी सवारियों में भगदड़ मच गई। आमजन की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस जाब्ते ने बदमाशों के ऊपर फायरिंग नहीं की। बदमाश फायरिंग करते हुए बस से बाहर निकल गए। कुलदीप और विजयपाल बेहोश होकर बस में गिर गए। पुलिसकर्मी दोनों को बस से बाहर निकालने में व्यस्त हो गए। इसी बीच बदमाश बाइक और कार से भरतपुर की तरफ भाग गए। सूचना पर तुरंत ही हलैना थाने का जाब्ता मौके पर पहुंचा। हलैना थाने के पुलिसकर्मियों के वर्दी और शरीर पर लाल मिर्च का पाउडर पड़ा हुआ था। कंट्रोल रूम को घटना की सूचना तुरंत एम्बुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायल आरोपियों को अस्पताल ले जाया गया।
एस्कॉर्ट कर रहे पुलिसकर्मियों पर डाला था मिर्ची स्प्रे
घटना के बाद सामने आया है कि जिस बस से कुलदीप और विजयपाल को कोर्ट में पेशी के लिए लाया जा रहा था, बदमश उसका कमालपुर बॉर्डर से पीछा कर रहे थे। बस के पीछे एक क्रेटा कार, एक बलेनो कार और 3 अपाचे बाइक थीं। अपाचे बाइक पर 2-2 बदमाश बैठे थे। सभी बदमाश अपने-अपने वाहनों से बस का लगातार पीछा कर रहे थे।
अमोली टोल प्लाजा से वारदात को अंजाम देने से पहले क्रेटा कार में बैठे बदमाशों ने पुलिस को रोकने के लिए उनकी गाड़ी के आगे अपनी क्रेटा कार लगा दी, जैसे ही एस्कॉर्ट रुकी तभी उन्होंने पुलिसकर्मी की आंखों में मिर्ची स्प्रे डाल दिया। बाकी एक बलेनो और तीन अपाची बाइक बस का लगातार पीछा करती रही। अमोली टोल प्लाजा पर बस रुकते ही बाइक सवार एक बदमाश बस के ड्राइवर के पास पहुंचा, बाकी 7 से 8 बदमाश बस में चढ़े और ताबतोड़ फायरिंग करते हुए कुलदीप को मौत के घाट उतार दिया।
हत्यारों के घर मनाया जा रहा जश्न
कुलदीप के परिजनों का कहना है कि कुलदीप की हत्या करने वाले 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन, जिन्हें पकड़ा गया है, वह चारों किराए के गुंडे थे। इस घटना में मुख्य आरोपी रविंद्र, पंकज, लोकी मालीपुरा हैं। अभी तक पुलिस ने उनके घर दबिश भी नहीं दी है। कृपाल का बेटा आदित्य सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल रहा है कि हमने बदला ले लिया है। कुलदीप की मौत के बाद गांव में डीजे बजाया गया है। हवाई फायरिंग की गई है। जश्न मनाया जा रहा है। अब पुलिस से यही अनुरोध है कि जब सीसीटीवी में सभी बदमाशों की शिनाख्त हो गई है तो पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। क्या भरतपुर पुलिस पर दबाव बना हुआ है ?
ऑनलाइन सुनवाई हो सकती है शुरू
इधर, गैंगस्टर की हत्या के बाद हार्डकोर अपराधियों की पेशी 100 प्रतिशत ऑनलाइन करवाने को लेकर पुलिस के आला अफसरों और संबंधित कोर्ट के बीच चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही ऑनलाइन पेशी के आदेश जारी हो सकते हैं। इससे प्रदेश में इस तरह के गैंगवार रोक लग सकती है।