इधर, रेखा पढ़ाई-लिखाई कर अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती थी। उसे एएनएम बनना था, लेकिन एक साल की उम्र में हुई शादी इसमें बाधा बन रही थी। इसके कारण वह मानसिक तनाव में आ गई। इस बीच रेखा को सारथी ट्रस्ट की डॉ. कृति भारती के बारे में पता चला। कृति बाल विवाह के चंगुल में फंसे लड़के-लड़कियों की मदद करती हैं। वह इस तरह से हुई शादियों को भी निरस्त कराती हैं। साथ ही बाल विवाह की जानकारी लगने पर उन्हें रोकने का काम भी करती है। रेखा को इस सब की जानकारी मिली तो वह डॉ. कृति के पास पहुंची और अपनी शादी निरस्त कराने में मदद करने का आग्रह किया।
सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी और पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ. कृति भारती की सलाह लेने के बाद रेखा ने बाल विवाह के चंगुल से आजाद होने के लिए पारिवारिक न्यायालय में शादी निरस्त की गुहार लगाई। हाल ही में न्यायालय के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मोदी ने रेखा की शादी को निरस्त कर दिया। फैसाला सुनाने से पहले न्यायाधीश मोदी ने कहा कि बाल विवाह की कुरीति को मिटाने के लिए एक सदी से प्रयास किए जा रहे हैं, इसके बाद भी सफलता नहीं मिली है। हमें मिलकर इसके खत्म करना होगा।
लाल शूट में डॉ. कृति भारती।
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