रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। उन्हें रोकने के लिए लगाए गए बेरिकेड्स भी उखाड़ कर फेंक दिए। भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन से पानी की बौछार की।
प्रदर्शन के दौरान राजेंद्र राठौड़ और सांसद किरोड़ी लाल मीणा कार्यकर्ताओं के साथ बेरिकेड्स की तरफ बढ़े तो पुलिस ने उन्हें पीछे धकेल दिया। इस दौरान दोनों की पुलिस के साथ नोकझोंक हो गई। पुलिस प्रदर्शनकारियों को लगातार चेतावनी देते हुए रोकने का प्रयास कर रही थी। उनके नहीं मानने पर राजेंद्र राठौड़ सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रदर्शन दौरान धक्का-मुक्की में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के पैर में फ्रैक्चर हो गया है। वह न्यूरो केयर हॉस्पिटल में भर्ती हैं। विरोध-प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और सांसद किरोड़ी लाल मीणा, सांसद दिया कुमारी सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
युवाओं के साथ अन्याय हुआ
भाजपा सांसद दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान के युवाओं साथ अन्याय हुआ है, लेकिन सरकार इस मामले की सीबीआई जांच नहीं करा रही है। सरकार ऐसा क्या छिपा रही है तो इस केस की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जा रही है। भाजपा प्रदेश के लाखों युवाओं को न्याय दिलाने के लिए विरोध कर रही है। हम मामले की सीबीआई जांच नहीं होने तक चुप नहीं बैठेंगे।
विधानसभा से तीन किमी पहले बैरिकेडिंग
भाजपा के बड़े विरोध को देखते हुए पुलिस ने भाजपा कार्यालय से विधानसभा की ओर जाने वाले रास्ते को एक किमी पहले की ब्लॉक कर दिया था। विधानसभा से यह दूर तीन किमी है। यहां त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार थे।
चार हजार जवान और 10 पुलिस अधिकारी मौजूद
भाजपा के विधानसभा घेराव और मुख्यमंत्री सदन जाने को लेकर पुलिस सतर्क नजर आ रही थी। 22 गोदाम पुलिया के पास पुलिस ने त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी। चार हजार पुलिस जवान और दस आईपीएस अधिकारी 22 गोदाम पुलिया पर तैनात थे। आंदोलन के दौरान किसी भी स्थति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, वज्र वाहन और एंबुलेंस मौके पर मौजूद थे। भाजपा ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की बात कही थी, इसके बाद भी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही थी।