राजस्थान प्रशासनिक सेवा प्री परीक्षा 2013 की मेरिट में आए 50 छात्रों में से 32 एसटी के होने के कारण फर्जीवाड़े की बू ने एक बड़े चौंकानेवाले खुलासे को जन्म दिया है। इस खुलासे से राजस्थान की सबसे बड़ी परीक्षा की व्यवस्थाओं को लेकर एक गहरा प्रश्नचिन्ह लग गया है।
एसओजी ने अक्टूबर 2013 में हुई राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) की प्रारंभिक परीक्षा में एक गिरोह को पकड़ा है, जो पेपर आउट करता था। ये 32 छात्र भी एक ही क्षेत्र के थे। खास बात यह रही कि इस गिरोह के सदस्य भी मेरिट में आए थे।
एक परिवार के ही 20 जने मेरिट में
सरगना अमृत लाल के परिवार और रिश्तेदारी के 20 लोग आरएएस प्री की टॉप-50 मैरिट में आए। इन सभी पर अनुचित तरीके से परीक्षा देने का आरोप है। यही नहीं, सरगना अमृत लाल मीणा, संजीव मीणा, हंसराज मीणा और सुनील कुमार समेत अमृत की पत्नी भी आरएएस प्री की मैरिट में आए थे।
गिरोह के सदस्य संजीव मीणा ने एसओजी को पूछताछ में बताया कि वह बिना परीक्षा दिए ओरिएंटल बैंक सरदार शहर (चूरू) में पीओ के पद पर लगा। एसओजी इस मामले की छानबीन जारी रखे हुए है। सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
आरपीएससी ने भेजा था गुप्त पत्र
एक क्षेत्र के 32 छात्र मेरिट में आने से राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को धांधली का शक हुआ। आरपीएससी ने एसओजी को एक गुप्त पत्र भेजकर मामले की जांच करने का आग्रह किया। इसके बाद एसओजी सक्रिय हो गई और परतें खुलने लगीं।
जांच में मालूम हुआ कि इस साल फरवरी में हुई सेकेण्ड ग्रेड अध्यापक भर्ती परीक्षा में पर्चा लीक मामले में अमृतलाल मीणा और कृपाल मीणा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। एसओजी ने इन पर निगाह रखनी शुरू कर दी थी। यह गिरोह 12 जुलाई को होने वाली स्कूल प्राध्यापक परीक्षा (ग्रेड प्रथम) में भी तीन-तीन लाख की रकम ऐंठकर कुछ अभ्यर्थियों को पास कराने की फिराक में भी था।
ये चढ़े एसओजी के हत्थे
गिरोह ने अपने रिश्तेदारों व अन्य अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराए थे। गिरोह का सरगना अमृतलाल मीणा करौली के राजकीय विद्यालय में व्याख्याता है और उसका साथी चूरू के एक बैंक पीओ है। एसओजी ने सरगना समेत आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 10.50 लाख रुपए, एक पिस्टल और 15 कारतूस बरामद किए है। अमृतलाल मीणा समेत चार आरोपी आरएएस प्री की मेरिट में भी आए थे।
एसओजी ने अमृतलाल मीणा, संजीव मीणा व हंसराज मीणा को गिरफ्तार किया। इससे पूर्व मालवीय नगर स्थित एक मकान पर दबिश देकर हरिदास वैष्णव समेत अशोक कुमार, सरोज सेवदा, सुनील कुमार जांगिड़ और सरस्वती देवी को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने अशोक व सुनील को पांच दिन के रिमांड और हरिदास, सरोज व सरस्वती को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। राज विवि का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरिदास वैष्णव खुद को प्रोफेसर बता कर रौब गांठ कर रकम ऐंठता था।
ऐसे खुल गई मामले की परतें
गिरफ्तार दीनारपुरा दादिया सीकर निवासी सुनील कुमार ने पूछताछ में बताया कि गिरोह ने आरएएस प्री में प्रश्न पत्र हासिल कर मोटी रकम ऐंठकर अपने रिश्तेदारों और कुछ अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए। सुनील कुमार भी आरएएस प्री में पास हुआ है।
एडीजीए एसओजी आलोक त्रिपाठी के अनुसार आरएएस प्री के परिणामों में काफी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। जिस पर आरपीएससी को परीक्षा में धांधली की आशंका हुई। आरपीएससी ने अनुसंधान के लिए एसओजी को एक गोपनीय रिपोर्ट दी थी।