स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम राजस्थान लोक सेवा आयोग की आरएएस प्री परीक्षा 2013 के पेपर आउट मामले के बिहार के भोजपुर जिले से पकड़े गए मास्टर माइंड आर.के. सिंह को मंगलवार रात राजस्थान ले आई।
एसओजी ने सिंह ने पूछताछ शुरू की, जिससे एक कड़ी और हाथ लगी है। एसओजी को सिंह ने बताया है कि वह यूपी की गैंग के लिए काम करता है। उसने यूपी के दीनदयाल से ये पेपर खरीदा था।
सिंह ने एसओजी को बताया कि दीनदयाल से 15 लाख में यह पेपर खरीदा था और 18 लाख में राजस्थान के अमृतलाल मीणा को बेचा था। पेपर बेचने के लिए सिंह ने अमृतलाल को दिल्ली में उसके फ्लैट पर ही बुलाया था।
एसओजी अब तक आर.के. सिंह, अमृतलाल सहित 9 जनों को इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। सिंह को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। कई अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाने के लिए एसओजी अदालत से सिंह को पुलिस रिमाण्ड पर सौंपने मांग करेगी।
अब दीनदयाल की तलाश के लिए यूपी जाएगी टीम
एसओजी अब दीनदयाल के बारे में पड़ताल करने में जुटी हुई है और सिंह से मिली जानकारी के अनुसार उसकी तलाश के लिए एसओजी की टीम अब यूपी जाएगी।
अब दीनदयाल की इस बात का खुलासा कर सकेगा कि आरएएस पेपर आउट में आयोग के किसी अधिकारी या कर्मचारी का हाथ था या प्रिंटिंग प्रेस से पेपर आउट हुआ था।
पूछताछ में सिंह ने बताया कि उसने 2011 में राजस्थान में हुई आयुर्वेद चिकित्सा परीक्षा में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। आरोपी ने राज्य के कुछ अभ्यर्थियों इस परीक्षा का पर्चा उपलब्ध कराने का झांसा देकर 2-2 लाख रुपए लिए थे।
अन्य राज्यों को भी राहत
एसओजी सूत्रों ने बताया कि आर.के. सिंह का नेटवर्क कई राज्यों में था, जहां वह पेपर आउट करके पहुंचाया करता था। खासकर दिल्ली, यूपी और बिहार में उसके खिलाफ पेपर लीक, धोखाधड़ी एवं अन्य कई तरह की शिकायतें हो चुकी हैं और ये राज्य भी उसकी तलाश में थे।
इन सभी राज्यों में वह फरार घोषित है। पूछताछ में सिंह ने बताया कि उसके हरियाणा में दो बीएड कॉलेज हैं। सिंह ने कबूल किया है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर होनेवाली प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट करने और छात्रों को बेचने के कई मामलों में लिप्त है।