जयपुर में गांधीनगर स्थित बालिका व शिशु गृह की दो नाबालिग मूक-बधिर बालिकाओं से एक आवासीय विद्यालय में दुष्कर्म की घटना सामने आई है।
विद्यालय के ही कर्मचारी और अधिकारी पर बच्चियों के साथ दुष्कर्म का आरोप है।
प्रारम्भिक जांच के बाद बाल कल्याण समिति ने शुक्रवार को कानोता थाने में मामला दर्ज कराया।
इस मामले में पुलिस ने विद्यालय की संचालिका अल्पना दसवानी, वार्डन अशोक प्रजापत, लिपिक सुरेश बैरवा व सहायक गीता को गिरफ्तार किया है और पूछताछ जारी है।
एनजीओ चलाता था विद्यालय
यह आवासीय विद्यालय सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के सहयोग से आवाज फाउंडेशन नाम का एक एनजीओ चला रहा है।
इस आवासीय विद्यालय में इस साल 109 विद्यार्थी हैं। इनमें गांधी नगर के बालिका गृह की 19 बच्चियां शामिल हैं।
भेजा जाता है थेरेपी के लिए
बालिका गृह की मूक-बधिर बालिकाओं को थैरेपी और शिक्षा के लिए कानोता स्थित आवाज फाउंडेशन में भेजा जाता है।
इस तरह करीब चार-पांच माह पहले पांच बालिकाओं को भेजा गया था। अप्रैल माह में जब बालिकाएं वापस बालिका गृह आईं तो उन्होंने बाल कल्याण समिति को आवाज फाउंडेशन के कर्मचारियों द्वारा दुष्कर्म करने की शिकायत की।
ऐसे सामने आई घटना
पुलिस का कहना है कि बच्चियों ने संचालिका को इस संबंध में बताने की कोशिश की थी, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। बच्चियों इतनी डरी हुई थीं कि आवासीय स्कूल में हुई काउंसलिंग के दौरान भी आपबीती नहीं बता पाईं।
मामला 30 अप्रैल को खुला जब शैक्षणिक सत्र खत्म होने पर बच्चियां बालिका गृह पहुंचीं। यहां काउंसलिंग के दौरान उन्होंने यह बातें बताईं।
बच्चियों ने बताया कि पहले उनके साथ छेड़छाड़ की गई, लेकिन वहां पर शिकायत नहीं कर पाईं। होली के दिन रंग लगाने बहाने उनके साथ बुरा व्यवहार किया गया।
काउंसलिंग की रिपोर्ट 17 मई को बाल कल्याण समिति को मिली। रिपोर्ट के अनुसार दो बालिकाओं से फाउंडेशन के कर्मचारियों द्वारा दुष्कर्म करने, दो से मारपीट तथा एक से अभद्रता की जानकारी सामने आई।