बलात्कार का इल्जाम झेल रहे राजस्थान के पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से गुहार लगाई कि उन पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
नागर पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला ने हाल में कहा था कि पूर्व मंत्री और उनके रिश्तेदार उसे धमका रहे है और उसकी जान को खतरा है।
गहलोत को लिखी चिट्ठी में नागर ने कहा कि बलात्कार का आरोप साजिश रचने वाले कुछ लोगों की हरकत है, जो महिला को नुकसान पहुंचा सकते हैं और ऐसी सूरत में शक की सुई मेरी तरफ घूमेगी।
दूदू के विधायक ने लिखा कि न उनके दोस्तों और न ही उनके रिश्तेदारों ने महिला को धमकाया है। उन्होंने कहा, "हालांकि, इस साजिश के पीछे जो लोग हैं, वे किसी भी हद तक जा सकते हैं...वे महिला को गायब भी करा सकते हैं...मुझे लगता है कि अगर उसे किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाया गया, तो उसका शक मुझ पर जाएगा।"
खुद गायब हैं नागर
यह बात और है कि सरकारी आवास पर दुष्कर्म के मामले में फंसे पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर मेडिकल जांच के डर से दो दिन से घर से गायब हैं।
सीआईडी-सीबी ने शनिवार को पत्र भेजकर नागर से रविवार दस बजे उपस्थित रहने के लिए कहा था। लेकिन मेडिकल जांच के लिए पहुंची टीम को घर से खाली हाथ लौटना पड़ा।
इस बीच चर्चा है कि पीड़िता के मोबाइल में नागर से संबंधित क्लिप थी, जिसे सीआईडी-सीबी ने बरामद कर लिया है। हालांकि कोई भी अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।
सीबीआई को जांच सौंपने की सिफारिश के बीच राजस्थान के पूर्व खादी राज्य मंत्री बाबू लाल नागर के मामले में सीआईडी सीबी ने जांच जारी रखी है।
पीड़िता के दिए बयान की पुष्टि के लिए सीआईडी-सीबी को नागर का सीमन चाहिए। पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि उसके पास नागर के दुष्कर्म को साबित करने के लिए उस समय पहने हुए कपड़े संभाल कर रखे हुए हैं।
इस बीच नागर की ओर से लिखा गया पीड़िता के संरक्षण को लेकर एक पत्र सीआईडी सीबी को मिला है, जिसमें आशंका जताई गई है कि यदि पीड़िता को कुछ हो गया तो उन पर (नागर) आरोप लगाए जाएंगे।