टाइगर सफारी का लुत्फ उठाने बड़ी संख्या में देशी एवं विदेशी पर्यटक रणथंभौर पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन तकरीबन साढ़े तीन हजार पर्यटक रणथंभौर टाइगर सफारी कर रहे हैं। बावजूद इसके सैकड़ों पर्यटक ऐसे भी हैं, जिन्हें सफारी नसीब नहीं हो पा रही है। रणथंभौर में दो पारियों में पर्यटक टाइगर सफारी पर जाते हैं। वन विभाग द्वारा इसके लिए 140 कैंटर एवं जिप्सी पार्क भ्रमण के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। बावजूद उसके पर्यटकों का दबाव इतना है कि रणथंभौर पहुंचने के बाद भी कई पर्यटक टाइगर सफारी नहीं कर पा रहे हैं।
एडवांस बुकिंग के बिना होगी दिक्कत
बगैर एडवांस बुकिंग के रणथंभौर पहुंचे पर्यटकों को न तो टाइगर सफारी मिल पा रही है और ना ही होटलों में जगह। ऐसे में पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक रणथंभौर आने वाले पर्यटकों का कहना है कि पर्यटकों की भीड़ के चलते लाख कोशिशों के बावजूद उन्हें टिकट नहीं मिल पा रहे हैं।
भारी तादाद में पर्यटकों के आगमन के चलते दलाल भी हैं सक्रिय
बुकिंग किए बिना रणथंभौर आने वाले पर्यटकों को भ्रमित कर अनचाहे दाम मांगने वाले दलाल भी इस दौरान सक्रिय हैं। टाइगर सफारी पर नहीं जा पाने वाले पर्यटकों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दलाल कैंटर में सीट दिलाने के नाम पर 806 रुपये की एवज में साढ़े तीन-तीन हजार और आठ हजार की जिप्सी के 25 से 30 हजार रुपये मांग रहे हैं। इस सबके बावजूद टाईगर सफारी की कोई गारंटी नहीं है। बुकिंग कन्फर्म करके रणथंभौर पहुंचे पर्यटक इस मामले में लकी हैं और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
कन्फर्म टिकट वाले मौज में
रणथंभौर में टाइगर सफारी का रोमांच बेहद खास है, यहां के सभी 10 जोनों में इन दिनों टाइगर की जमकर साइटिंग भी हो रही है। पर्यटकों का कहना है रणथंभौर आने का उनका अनुभव बेहद अच्छा रहा है। रणथंभौर का जंगल जितना खूबसूरत है, उतनी ही अच्छी यहां की टाइगर सफारी और वन विभाग का मैनेजमेंट है, जिससे कन्फर्म टिकट वाले पर्यटकों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो रही है।
मुख्य वन संरक्षक ने जारी की अपील
यहां पर्यटकों के बढ़ते दबाव को देखते हुए रणथंभौर के मुख्य वन संरक्षक पी. काथरिवेल ने एक आदेश जारी कर बना कंफर्म टिकट के आने वाले पर्यटकों से एक सप्ताह तक रणथंभौर नहीं आने की अपील की है। ताकि पर्यटकों को परेशान नहीं होना पड़े। पी . काथरिवेल ने बताया कि विभाग द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से व्हाट्स एप नंबर जारी कर अचानक रणथंभौर आने वाले पर्यटकों की मदद करने का प्रयास किया जा रहा है।