राजनीतिक टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहने वाले योग गुरू बाबा रामदेव ने कहा है कि कांग्रेस ने प्रणब मुखर्जी को भारतीय संविधान का सबसे ऊंचा पद सम्मान के लिए नहीं दिया है। बल्कि कांग्रेस को प्रणब रोड़ा नजर आने लगे थे।
उन्हें राष्ट्रपति पद पर आसीन किया गया, जिससे नेहरू परिवार का वर्चस्व बना रहे। उन्होंने कहा कि यदि प्रणब इस पद पर नहीं होते।
तो इस चुनाव में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के जितना ही उनका प्रचार और समर्थन करते। उनकी इन क्षमताओं के कारण उन्हें यह संवैधानिक पद नहीं दिया गया है।
मोदी अतिसाहसी हो सकते हैं, लेकिन तानाशाह नहीं
रामदेव ने मोदी की जमकर तारीफें की। उन्होंने कहा कि लोगों को मोदी के बारे में गलतफहमी है कि यदि वे पीएम बने, तो तानाशाह हो जाएंगे।
उन्होंने बीस वर्ष के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि मोदी पीएम बन गए, तो कभी तानाशाह नहीं हो सकते, वे तो बिना भगवा वाले फकीर हैं।
वे पीएम बनने के बाद अति अति साहसी भले ही हो जाएं, लेकिन अति तानाशाह नहीं हो सकते। रामदेव ने अपील की कि उनकी विचारधारा, आदर्श नीति और नेतृत्व के कारण उन्हें एक मौका दिया जाना चाहिए।
भाजपा की नहीं, मोदी की बात
रामदेव ने कहा कि वे कभी भाजपा की बात नहीं करते, केवल मोदी की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि देश के हालातों पर सामने रखकर लोगों को जागरूक कर रहा हूं, जो आध्यात्म धर्म के साथ मेरा राष्ट्र धर्म है।
राजकुमार हो गए हैं सुप्रीम पीएम
उन्होंने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को विदेशी महिला और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए कहा कि राजकुमार तो सुप्रीम पीएम हो गए हैं।
देश तानाशाही तरीके से चल रहा है और सारे निर्णय दस जनपथ से होते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान और कानून का अतिक्रमण करनेवालों को सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है।
प्रधानमंत्री की छवि पर उठाए सवाल
रामदेव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ईमानदार छविवाला बता रही है, लेकिन कोयले की खानों की नीलामी में हुए 400 लाख करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार, बिना प्रधानमंत्री की भूमिका के कैसे हो गया?
उन्होंने कहा राजनीति में 99 प्रतिशत नेता भ्रष्टाचार व लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के रास्ते तलाशते रहे हैं और मात्र 1 प्रतिशत नेता लोकतंत्र को बनाए रखे के प्रयास कर रहे हैं।
भारत होता सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की ओर से किए गए घोटाले नहीं होते, तो अमेरिका, चीन व जापान से बड़ी आर्थिक शक्ति हो चुका होता। हर साल लाखों करोड़ के घोटाले हो रहे हैं।