भाजपा नेत्री और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मन से आपातकाल की भावना अभी भी नहीं निकली है। आज भी इनका आचरण इमरजेंसी जैसा ही है। यही कारण है कि इन्होंने सरकार के मुख्य अंग- विधायकों, के पीछे तक पुलिस लगा रखी है। उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है। यह इमरजेंसी नहीं तो और क्या है?
इस घटनाक्रम पर बीटीपी विधायक राजकुमार रोत ने कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सलाह मशविरा करने के बाद राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया गया था, लेकिन अब प्रदेश अध्यक्ष ने अपने दम पर व्हिप जारी किया है।
रोत ने कहा ‘‘ हमें जानकारी मिली है कि प्रदेश अध्यक्ष ने व्हिप जारी किया है। कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय लेने से पहले पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विचार विर्मश किया गया था। चूकि कांग्रेस पार्टी सत्ता में है,तो ऐसे हमारी मांगें, जो आदिवासी लोंगो और क्षेत्र के विकास से संबंधित है, केवल सत्तारूढ कांग्रेस द्वारा पूरी की जा सकती हैं। इसलिए हमने राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ पार्टी के उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा करने का फैसला किया था।’’
बता दें कि राजस्थान में 200 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के पास 108 विधायक है, भाजपा के 71, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के तीन सीपीआई (एम) और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दो-दो , राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के एक और 13 निर्दलीय विधायक हैं।