फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajsamand News: ढेलाणा गांव में बजरी माफिया का आतंक, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार; जानें

Thu, 27 Mar 2025 02:40 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजसमंद

सार

Rajsamand: परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अवैध बजरी खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
अवैध रूप से बजरी खनन का मामला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजसमंद जिले की सेलागुड़ा पंचायत के ढेलाणा गांव में चंद्रभागा नदी से धड़ल्ले से अवैध रूप से बजरी खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के शिकायतों के बावजूद पुलिस और खनिज विभाग इस पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 

विज्ञापन


ग्रामीणों ने पुलिस और खनिज विभाग को दी थी शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने 20 मार्च को आमेट पुलिस और खनिज विभाग के अभियंता को बजरी माफिया की शिकायत की थी और सबूत के तौर पर वीडियो व फोटो भी प्रस्तुत किए थे, जिनमें साफ दिख रहा था कि नदी क्षेत्र से अवैध रूप से बजरी निकाली जा रही है। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

पर्यावरण और खेती को भारी नुकसान
ढेलाणा गांव से बहने वाली चंद्रभागा नदी में हो रहे अवैध खनन से पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन के चलते नदी के किनारे स्थित कुएं ढहने की कगार पर हैं, जिससे पानी का स्तर गिर रहा है और खेत बंजर हो रहे हैं। इतना ही नहीं, बजरी माफिया द्वारा खेतों की दीवारों और कुओं के पास खुदाई किए जाने से कई हरे-भरे पेड़ गिर चुके हैं और इलाके की हरियाली भी समाप्त हो रही है।
विज्ञापन


पढ़ें: शॉर्ट सर्किट से मकान में लगी भीषण आग, 11 लोग बाल-बाल बचे; लाखों का हुआ नुकसान
विज्ञापन


जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अवैध बजरी खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान मोहनलाल कुमावत, बद्रीलाल, माधुलाल, रामलाल, नरेश, बाबूलाल, खेमराज, बंशीलाल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें