विशाल बावा और लाल बावा ने स्वर्ण और रजत के घड़ों में भीतर की बावड़ी से भरा पवित्र अभिषेक जल
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राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ श्रीनाथजी की हवेली में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर आयोजित होने वाली प्रभु श्रीनाथजी की पारंपरिक ज्येष्ठ स्नान यात्रा की तैयारियां विधिवत शुरू हो गई हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के अवसर पर तिलकायत की आज्ञा से विशाल बावा और लाल बावा ने भीतर की बावड़ी से स्वर्ण एवं रजत के घड़ों में ज्येष्ठाभिषेक के लिए पवित्र जल भरा।
सुगंधित जल से ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रीनाथजी का होता है अभिषेक
श्रृंगार दर्शन के उपरांत इस पवित्र जल को आरती दर्शन के समय अष्टगंध, चंदन, केसर, गुलाब जल और अन्य सुगंधित द्रव्यों से अधिवासित किया गया। पुष्टिमार्गीय मान्यताओं के अनुसार इसी शीतल एवं सुगंधित जल से ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रभु श्रीनाथजी का अभिषेक किया जाता है, जिससे ग्रीष्म ऋतु में उन्हें शीतलता अर्पित की जाती है।
सवा लाख आम का भोग अर्पित होगा
ज्येष्ठ स्नान यात्रा महोत्सव के दौरान अभिषेक के बाद प्रभु श्रीनाथजी को सवा लाख आमों का विशेष भोग भी अर्पित किया जाएगा। इसके लिए हवेली के मोती महल चौक में वैष्णव समाज द्वारा आमों की विशेष तैयारी की जा रही है। पूरे आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में भक्तों के बीच उत्साह का माहौल है।
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इस अवसर पर मंदिर प्रशासन, तिलकायत कार्यालय के पदाधिकारी, सेवायतगण और बड़ी संख्या में वैष्णव श्रद्धालु मौजूद रहे। ज्येष्ठ पूर्णिमा के इस विशेष उत्सव में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के नाथद्वारा पहुंचने की संभावना है।