पैंथर को रेस्क्यू करती वन विभाग की टीम।
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राजसमंद जिले के बिनोल नाका क्षेत्र में आज सुबह आबादी इलाके में लेपर्ड के घुसने से गांव में हड़कंप मच गया। सुबह करीब 3 बजे लेपर्ड ने पहले एक बकरी का शिकार करने के बाद एक मकान में घुसकर कमरे में चला गया। गनीमत रही कि उस दौरान कमरे में कोई नहीं था। इस दौरान मकान मालिक को पता चला कि पैंथर घर में घुस गया है। उसने हिम्मत दिखाते हुए लेपर्ड को एक कमरे में बंद कर दिया और तत्काल पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लेपर्ड को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
वन विभाग ने बताया कि यह लगभग पांच वर्षीय नर लेपर्ड है। रेस्क्यू के बाद उसका राजसमंद स्थित पीपरड़ा नर्सरी में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसके बाद उसे टाड़गढ़ अभयारण्य में छोड़ा जाएगा। मकान में पैंथर घुसने की घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया रेस्क्यू के सफल अभियान के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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जानकारी के अनुसार मकान मालिक जोहर सिंह ने बताया कि रात के समय घर में खटपट की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई। पहले उन्हें लगा कि कोई चोर घर में घुस आया है, लेकिन जैसे ही खिड़की से एक जानवर छलांग लगाकर कमरे में आया, तो वे चौंक गए। उन्होंने साहस दिखाते हुए तुरंत दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और लेपर्ड को कमरे में कैद कर दिया। घटना की सूचना सरदारगढ़ पुलिस चौकी को सूचना दी। मौके पर आमेट नाके से उगम चंद बैरवा और बिनोल नाका प्रभारी अशोक वैष्णव पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और तत्काल वन विभाग को सूचित किया।
वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी लादूलाल शर्मा के निर्देशन में राजसमंद गश्ती दल के रेंजर सत्यानंद गरासिया के नेतृत्व में ट्रैंकुलाइज टीम सुबह मौके पर पहुंची। टीम में सुरेंद्र सिंह, पन्नालाल कुमावत, घनश्याम पुरबिया, तेजपाल और महेंद्र सिंह शामिल रहे। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए।